Agriculture News: राज्य सरकार का बड़ा फैसला: अब किसानों को मिलेगी ऋण भुगतान में अतिरिक्त मोहलत। खरीफ-2025 ऋण पर राहत: ब्याजमुक्त योजना का लाभ उठाने का बढ़ा मौका।
Crop Loan: जयपुर. राजस्थान सरकार ने प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत देते हुए खरीफ-2025 में वितरित अल्पकालीन ब्याजमुक्त फसली ऋणों की अदायगी तिथि को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस फैसले से राज्य के 5 लाख 57 हजार से अधिक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा, जो समय पर ऋण चुकाने में असमर्थ थे और अतिरिक्त आर्थिक दबाव झेल रहे थे।
सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक ने जानकारी देते हुए बताया कि इस संबंध में वित्त विभाग से स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। अब केंद्रीय सहकारी बैंकों के माध्यम से पैक्स और लैम्प्स द्वारा खरीफ-2025 के लिए ऋण लेने वाले किसान 15 मई 2025 या ऋण लेने की तारीख से 12 माह के भीतर, जो भी पहले हो, अपनी ऋण राशि जमा कर सकेंगे।
पहले यह अंतिम तिथि 31 मार्च 2025 निर्धारित थी, जिसे लेकर किसानों द्वारा लगातार समय बढ़ाने की मांग की जा रही थी। सरकार ने किसानों की इस मांग को गंभीरता से लेते हुए राहत देने का निर्णय लिया है।
मंत्री दक ने बताया कि यदि भुगतान तिथि नहीं बढ़ाई जाती, तो लगभग 2,184 करोड़ रुपये का ऋण अवधिपार हो जाता, जिससे किसानों को ब्याजमुक्त ऋण योजना का लाभ नहीं मिल पाता। इसके अलावा, किसानों को 2 प्रतिशत की पेनल्टी भी चुकानी पड़ती, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और कमजोर हो सकती थी।
सरकार का यह कदम न केवल किसानों को आर्थिक राहत देगा, बल्कि उन्हें शून्य ब्याज दर योजना का लाभ बनाए रखने में भी मदद करेगा। यह निर्णय किसानों की आय को स्थिर रखने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
अंत में, सहकारिता मंत्री ने किसानों से अपील की है कि वे इस बढ़ी हुई समय-सीमा का पूरा लाभ उठाते हुए अपने ऋणों का समय पर भुगतान करें, ताकि वे भविष्य में भी सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकें।
राज्य सरकार का यह निर्णय किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। ऋण चुकाने की समय-सीमा बढ़ाने से न केवल किसानों को आर्थिक दबाव से राहत मिलेगी, बल्कि वे बिना पेनल्टी के ब्याजमुक्त योजना का लाभ भी ले सकेंगे। यह कदम दर्शाता है कि सरकार किसानों की समस्याओं को समझते हुए संवेदनशीलता के साथ निर्णय ले रही है। ऐसे फैसले ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायक होते हैं। अब किसानों की जिम्मेदारी है कि वे इस अवसर का सही उपयोग करें और समय पर ऋण चुकाकर भविष्य की योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करें।