Northern Ring Road Jaipur: जेडीए ने भजनलाल सरकार से मांग की है कि जयपुर के अहम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य एनएचएआई से वापस लेकर उसे सौंपा जाए।
Jaipur Infrastructure News: जयपुर। वर्षों से अटकी और शहर के ट्रैफिक समाधान की सबसे अहम परियोजनाओं में शामिल उत्तरी रिंग रोड को लेकर अब बड़ा प्रशासनिक फेरबदल संभव है। काम में सुस्ती और लगातार देरी के बीच जेडीए ने इस प्रोजेक्ट को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) से लेकर खुद पूरा करने की पेशकश की है। इसके लिए राज्य सरकार को औपचारिक प्रस्ताव भेजते हुए जेडीए ने अपनी तैयारियों और क्षमता का भी हवाला दिया है।
अधिकारियों की मानें तो शहरी विकास एवं आवास (UDH) विभाग अब केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय से मंजूरी मांगेगा, ताकि इस प्रोजेक्ट को एनएचएआई की जगह जेडीए पूरा कर सके। केंद्र से मंजूरी मिली तो एनएचएआई से यह प्रोजेक्ट छिन सकता है। अगर जेडीए को जिम्मेदारी मिलती है तो नॉर्दर्न रिंग रोड प्रोजेक्ट के रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है।
करीब 3 हजार करोड़ की लागत वाले इस प्रोजेक्ट की लंबाई लगभग 100 किलोमीटर प्रस्तावित है। इसे दो हिस्सों में तैयार किया जाना है। इसमें 45 किमी का हिस्सा आगरा रोड से सी-ज़ोन बाइपास तक और 52 किमी का हिस्सा बाइपास से अजमेर रोड तक प्रस्तावित है।
घोषणा के एक साल बाद भी परियोजना में अपेक्षित गति नहीं आई है, जबकि शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव और प्रदूषण को देखते हुए उत्तरी रिंग रोड का निर्माण जरूरी हो गया है। अभी भारी वाहन अजमेर, दिल्ली और आगरा रोड के बीच शहर के भीतर से गुजरते हैं, जिससे जाम की स्थिति बनी रहती है। सूत्रों की मानें तो इस प्रोजेक्ट को धरातल पर लाने के लिए पीपीपी मॉडल से पूरा करने का सुझाव भी दिया गया है। जिसमें निर्माण का खर्च निजी कंपनी उठाएगी और भूमि उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी जेडीए की होगी। टोल से भविष्य में नियमित आय भी संभव बताई गई है।
बता दें कि 10 दिसंबर, 2024 को राइजिंग राजस्थान समिट के दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की थी कि मंत्रालय इस परियोजना को जल्द शुरू करेगा। इसके बाद एनएचएआई ने पिछले साल 6 नवंबर को जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने के लिए एक अधिसूचना जारी की थी। एनएचएआई अभी भी नॉर्दर्न रिंग रोड के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में जुटा हुआ है, लेकिन अब तक काम गति नहीं पकड़ सका है।
6 लेन वाला नॉर्दर्न रिंग रोड कॉरिडोर अजमेर रोड पर छितरोली से आगरा रोड बस्सी तक बनेगा, जो शहर के भारी ट्रैफिक को कम करेगा। प्रोजेक्ट की कुल लागत 3,000 करोड़ रुपए है। यह कॉरिडोर दिल्ली रोड, कालवाड़, जोबनेर, रामपुरा डाबड़ी, जालसू और चोमू जैसे क्षेत्रों को जोड़ेगा। इस परियोजना के लिए लगभग 662 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। इसके लिए 150 से अधिक गांव प्रभावित होंगे।