जयपुर

Makar Sankranti 2026: राजस्थान की इस संक्रांति मिठाई की US-UK में भी डिमांड, भाव जानकर चौंक जाएंगे आप

Makar Sankranti 2026: जयपुर की दूध की फीणी देशभर में जा रही है। वहीं कूरियर के माध्यम से अमरीका और ब्रिटेन समेत दुनिया के कई देशों में पहुंच रही है।
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Updated: 13 Jan 2026, 9:48 PM IST
makar sankaranti jaipur
Photo- Patrika

Makar Sankranti Jaipur: जयपुर। कभी मकर संक्रांति तक सीमित रहने वाली जयपुर की पारंपरिक फीणी अब शहर की पहचान बनती जा रही है। यही कारण है कि मकर संक्रांति से पहले ही शहर में फीणियों की मिठास घुलने लगी है। जयपुर की फीणी का स्वाद सांभर की फीणियों पर भारी पड़ रहा है।

कभी सर्दी में चार माह बनने वाली दूध की फीणियां अब सालभर बिक रही हैं। समय के साथ अब केसर ने फीणी का जायका बढ़ा दिया और बाजार में केसर फीणी की डिमांड भी बढ़ गई है। जयपुर की दूध की फीणी देशभर में जा रही है। वहीं कूरियर के माध्यम से अमरीका और ब्रिटेन समेत दुनिया के कई देशों में पहुंच रही है।

1000 रुपए किलो बिक रहीं फीणियां

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जयपुर शहर में फीणियां 150 रुपए से लेकर एक हजार रुपए किलो तक बिक रही हैं। देशी घी की सादा, केसर व दूध की फीणियां 700 रुपए से लेकर एक हजार रुपए किलो तक बिक रही हैं, वहीं वनस्पति में फीणी 150 रुपए से लेकर 400 रुपए किलो तक बिक रही हैं।

सांभर से भी आते कारीगर

शहर में कुछ दुकानदार सांभर के कारीगरों से फीणियां तैयार करवाते हैं। शहर में एक माह पहले ही ये कारीगर आ जाते हैं, जो मकर संक्रांति तक यहां रुककर फीणियां तैयार करते हैं।

रामगंज बाजार व्यापार मंडल अध्यक्ष हुकूमचंद अग्रवाल ने बताया कि फीणी के लिए सांभर के कारीगर बुलाते हैं। भंवरीदार फीणी वे ही तैयार कर पाते हैं। कारीगर एक किलो फीणी तैयार करने के 150 से 200 रुपए तक लेते हैं।

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दूध की फीणी का स्वाद अलग ही होता है। पहले 4 माह ही फीणियां बनती थी, अब साल भर फीणियां बन रही है। कारोबार भी 4 गुना तक बढ़ गया है। अब देश- विदेश भी जयपुर से फीणियां जा रही हैै।

  • अजय अग्रवाल, फीणी विक्रेता जौहरी बाजार

सादा के साथ केसर फीणी भी लोग खूब खरीद रहे हैं। मकर संक्रांति फीणियों की बिक्री बढ़ जाती है। घेवर की तरह जयपुर की फीणी भी लोगों को खूब पसंद आ रही है।

  • जौहरी लाल सोढ़ाणी, फीणी विक्रेता, टोंक रोड
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13 Jan 2026, 9:48 PM IST
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