
Wheat Procurement: जयपुर. प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद को सुचारू और तेज बनाने के लिए ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कोटा जिले की भामाशाह कृषि उपज मंडी का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गेहूं तुलाई की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
मंत्री ने मंडी में मौजूद किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। कई किसानों ने शिकायत की कि उनका गेहूं कम गुणवत्ता का बताकर भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) द्वारा रिजेक्ट किया जा रहा है। इस पर मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तय मानकों में आवश्यक शिथिलता की अनुमति लेकर किसानों के गेहूं की तुलाई सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल सके।
दौरे के दौरान जलोदा खातियान गांव के किसान चौथमल ने अपनी समस्या बताते हुए कहा कि उसकी फसल को रिजेक्ट कर दिया गया है जबकि घर में शादी होने के कारण उसे पैसों की सख्त जरूरत है। इस पर मंत्री ने तुरंत संवेदनशीलता दिखाते हुए संबंधित अधिकारियों को उसके गेहूं की तुलाई कराने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान मंत्री ने पंजीयन के बाद स्लॉट बुकिंग और तुलाई प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध कराया जाए और मंडी की खरीद क्षमता को दोगुना किया जाए। साथ ही उन्होंने बायोमेट्रिक सत्यापन प्रक्रिया को लेकर किसानों को जागरूक करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग किसानों के लिए परिवार के सदस्य के माध्यम से सत्यापन की सुविधा सुनिश्चित की जाए।
इसके अलावा भंडारण और परिवहन व्यवस्था को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। मंत्री ने निजी और सरकारी वेयरहाउस की सूची तैयार कर समन्वय स्थापित करने और जरूरत पड़ने पर उनका उपयोग करने को कहा। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि मंडी से गेहूं का उठाव समय पर हो और ट्रकों की अनावश्यक कतारें न लगें।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 6 अप्रैल से कोटा-बूंदी जिले में गेहूं खरीद शुरू कर दी जाएगी। स्लॉट बुकिंग के आधार पर किसानों को समय दिया जाएगा और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त तुलाई की भी व्यवस्था रखी जाएगी, ताकि किसी भी दिन अधिक संख्या में किसानों के आने पर प्रक्रिया बाधित न हो।