
जयपुर। राजधानी जयपुर के रामनगर विस्तार स्थित कटारिया कॉलोनी में रहने वाली श्वेता राव (32) ने अपने चार महीने के मासूम बेटे के सामने जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से ससुराल पक्ष की तरफ से दहेज मांग और शारीरिक-मानसिक प्रताड़ना से परेशान थी।
पुलिस के अनुसार श्वेता की शादी जुलाई 2024 में फतेहपुर शेखावाटी निवासी नरेश सिंह से हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल वाले उस पर अतिरिक्त दहेज लाने का दबाव बना रहे थे। प्रताड़ना से तंग आकर करीब एक महीने पहले वह अपने बेटे के साथ पीहर गई थी। पति के पास लौटने के बाद 21 दिसंबर की शाम उसने घर में रखी गेहूं की टंकी से जहरीला पदार्थ निकाला और कमरे में जाकर उसका सेवन कर लिया। कुछ ही देर में उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ी।
परिजन तुरंत श्वेता को एसएमएस अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान मंगलवार को उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस ने अस्पताल की मोर्च्युरी में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। महेश नगर थाना पुलिस ने मृतका की मां की शिकायत पर पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
परिजनों का आरोप है कि श्वेता के पति नरेश और अन्य ससुराल वाले दो लाख रुपये की मांग को लेकर लगातार मारपीट करते थे। इस संबंध में श्वेता ने पहले भी अपने मायके वालों को जानकारी दी थी। 13 नवंबर को वीडियो कॉल के दौरान उसके भाई को भी धमकाया गया था। इसके बाद मामला पुलिस थाने तक पहुंचा था। पुलिस की मदद से श्वेता और उसके बेटे को ससुराल से पीहर भेजा गया था।
मृतका के परिजनों का कहना है कि पीहर आने के बाद भी ससुराल वाले फोन पर धमकियां देते रहे। वे उसे आत्महत्या करने के लिए उकसाते और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी देते थे। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।