जयपुर

Rajasthan: ठगी में लिप्त MBBS डिग्रीधारी युवक का पर्दाफाश, दिल्ली-UP, हरियाणा-केरल समेत कई राज्यों में 100+ मामले दर्ज

Cyber Crime Accused Arrested: जयपुर पुलिस ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर करोड़ों रुपए की साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में कजाकिस्तान से एमबीबीएस कर चुका एक युवक भी शामिल है।

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Jun 10, 2026
Cyber crime Accused
गिरफ्तार आरोपियों की फोटो: पत्रिका

Rajasthan Crime News: जयपुर पुलिस की जिला दक्षिण टीम ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर लोगों को डराकर करोड़ों रुपए की साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कजाकिस्तान से एमबीबीएस कर चुके एक डॉक्टर सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान बाड़मेर निवासी गणेश चौधरी (29) और जयपुर के हसनपुरा निवासी दुष्यन्त जांगिड़ (32) के रूप में हुई है। गिरोह का मुख्य सरगना सुनील विश्नोई उर्फ कार्तिक फिलहाल फरार है।

फोटो: पत्रिका

पुलिस के अनुसार गिरोह विदेश में पढ़ रहे भारतीय मेडिकल छात्रों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर ठगी की रकम को विभिन्न खातों में ट्रांसफर करता था और बाद में उसे क्रिप्टोकरेंसी में बदल देता था। मामले का खुलासा तब हुआ जब महिला डॉक्टर सुरेखा लोढ़ा ने जयपुर के श्याम नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2025 में बदमाशों ने खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर उन्हें और उनके परिवार को जेल भेजने की धमकी दी तथा ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर 24 लाख रुपए एक फर्जी कंपनी के खाते में ट्रांसफर करवा लिए। श्याम नगर थानाधिकारी दलबीर सिंह, डीएसटी प्रभारी विशम्भर दयाल और साइबर सेल के हेड कांस्टेबल लोकेश कुमार के नेतृत्व में गठित एक टीम ने तकनीकी अनुसंधान के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

गैंग के जरिए किराए पर लेते थे खाते

जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी और फरार सरगना दोनों कजाकिस्तान से एमबीबीएस कर चुके हैं। मेडिकल नेटवर्क के जरिए वे विदेश में पढ़ रहे भारतीय छात्रों के सक्रिय बैंक खातों तक पहुंच बनाते थे। फर्जी दस्तावेजों के जरिए खाते खुलवाने, उन्हें किराये पर लेने और ठगी की रकम को विभिन्न खातों में घुमाने का काम संगठित तरीके से किया जाता था। रकम को बाद में यूएसडीटी (क्रिप्टोकरेंसी) खरीदने में इस्तेमाल किया जाता था और ऊंचे दाम पर बेचकर उसे वैध धन के रूप में हासिल किया जाता था।

100 से ज्यादा केस दर्ज

पुलिस को आरोपियों से मिले दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों से पता चला है कि गिरोह के खिलाफ राजस्थान सहित दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, तेलंगाना, तमिलनाडु, हरियाणा, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में 100 से अधिक साइबर शिकायतें और मामले दर्ज हैं। पुलिस का मानना है कि पूछताछ में करोड़ों रुपए के अन्य साइबर घोटालों का भी खुलासा हो सकता है।

Published on:
10 Jun 2026 07:57 am