राजस्थान में विदा होते मानसून ने गुरुवार को कई जिलों को एक बार फिर भिगो दिया। झालावाड़ और करौली में अचानक मौसम ने पलटा खाया और दोपहर में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश का दौर चला। करीब एक घंटे तक तेज बारिश के चलते सड़कों पर पानी बह निकला और कई जगह जलभराव हो गया। इसके चलते आवागमन बाधित हुआ।
करौली में बीते करीब 10 दिनों से बारिश का दौर लगभग थमा हुआ था। वहीं तेज धूप भी खिल रही थी। तेज धूप के चलते उमसभरी गर्मी से बीते कुछ दिन से लोग परेशान होने लगे। गुरुवार को भी सुबह से दोपहर तक मौसम साफ रहा। करीब दो बजे मौसम बदला और घने बादल छा गए। इसके बाद बूंंदाबांदी के साथ शुरू हुई बारिश ने गति पकड़ी और झमाझम बारिश हुई। इस बीच तेज हवाएं भी चली।
करीब एक घंटे तक कभी तेज तो कभी मंद गति से हुई बारिश से हाइवे, गोशाला के सामने सड़क, रेलवे आरक्षण केन्द्र के सामने सहित कुछ कॉलोनियों में फिर से जलभराव हो गया। इसके चलते राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी हुई। हालांकि मौसम के पलटा खाने से तापमान में कमी आई है और मौसम में तरावट आने से लोगों को गर्मी से राहत मिली।
झालावाड़ के झालरापाटन में गुरुवार दोपहर एक घंटे तक लगातार झमाझम बारिश हुई। तहसील के नलखाड़ी और बावड़ीखेड़ा हलके के करीब एक दर्जन से अधिक गांवों में तेज बरसात से खेत पानी में डूब गए। किसान लालचंद नागर, शिवलाल, शोभाराम, प्रहलाद गोस्वामी, तूफान सिंह झाला, टीकम नागर, दीपक प्रजापति और जगदीश चंद धाकड़ ने बताया कि अतिवृष्टि के दौरान अधिकांश किसानों की सोयाबीन और मूंगफली की फसलें पहले ही नष्ट हो चुकी थीं, जबकि कुछ किसानों को 50 प्रतिशत नुकसान हुआ था। गुरुवार को हुई बरसात से ये खेत भी जलमग्न हो गए, जिससे खड़ी फसल पूरी तरह से खराब हो गईं।
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इस बीच मौसम विभाग ने दौसा, अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाईमाधोपुर, बूंदी, बारां, कोटा, टोंक, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़ और उदयपुर जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं।