Health Benefits: मिलेट्स रोजाना की थाली में शामिल करें सुपरफूड, जानिए दस फायदे। डायबिटीज कंट्रोल से लेकर पर्यावरण संरक्षण तक, मिलेट्स हैं वरदान। मिलेट्स को अपनाएं, दवाइयों पर निर्भरता घटाएं।
Super food: जयपुर। राज्य कृषि प्रबंध संस्थान, दुर्गापुरा, जयपुर में सोमवार को आयोजित कार्यशाला में ‘श्रीअन्न के मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के लिए लाभ’ विषय पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्य वक्ता पद्मश्री व कृषि र त्न अवार्ड से सम्मानित मिलेट मेन ऑफ इंडिया डॉ. खादर वाली ने कहा कि श्रीअन्न यानी मिलेट्स केवल भोजन ही नहीं, बल्कि औषधि और पृथ्वी का वरदान हैं। उन्होंने आह्वान किया कि लोग इन्हें रोजमर्रा की थाली में शामिल करें।
डॉ. खादर वाली ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष के रूप में मनाया गया। भारत आज विश्व का सबसे बड़ा मिलेट्स उत्पादक देश है और यहां लगभग 250 किस्में उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि श्रीअन्न (बाजरा, ज्वार, रागी, सांवा, कुटकी आदि) को सुपरफूड कहा जाता है क्योंकि इनमें भरपूर पोषक तत्व और फाइबर मौजूद होता है।
ये भी जानिएं क्या-क्या करते हैं फायदे
1-मिलट्स को रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाएं। हर तरह से मिलेट्स को किसी भी मौसम में ले सकते हैं बशर्ते खाने में इस्तेमाल से पहले 8 घंटे भिगोकर रखें। ज्यादा से ज्यादा 10 घंटे भिगोकर रखें। तब जाकर मिलेट्स के आपके शरीर को पूरे फायदे मिलेंगे, पचने में आसानी होगी।
2-वर्तमान समय में अधिकतर बीमारियां ब्लड शुगर के असंतुलन के कारण होती हैं। मिलेट्स के सेवन से इस असंतुलन को नियंत्रित करने का प्रभावी तरीका है। मिलेट्स को भोजन में शामिल करके हमारे स्वास्थ्य में क्रांतिकारी बदलावा लाया जा सकता है। जब भोजन सही होता है तब दवाइयों की जरूरत नहीं पड़ती।
3-मिलेट्स केवल भोजन नहीं, बल्कि मानव शरीर के लिए औषधि और पृथ्वी के लिए वरदान है। इन्हें अपनी थाली में वापस लाना ही अच्छे स्वास्थ्य और टिकाऊ भविष्य की जरूरत है। वर्तमान में मिलेट्स की लगभग 250 किस्में उपलब्ध हैं। मिलेट्स में पर्याप्त मात्रा में फाइबर पाये जाते हैं जो ब्लड शुगर को संतुलित करने में मदद करते हैं।
4-भारत में श्रीअन्न को मोटे तौर पर दो श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है, बड़े श्रीअन्न और छोटे श्रीअन्न। मोटे अनाज में बाजरा, रागी, चेना, ज्वार, मक्का शामिल हैं तथा छोटे अनाज में मुराट, कुटकी, कोंदो, सांवा, कांगणी शामिल हैं। श्रीअन्न का विश्व में सबसे अधिक उत्पादन हमारे देश में होता है।
5-श्रीअन्न जो आमतौर पर मिलेट्स के नाम से जाने जाते हैं। इनमें पोषक तत्व अपेक्षाकृत अधिक मात्रा में पाए जाते हैं इसलिए श्रीअन्न को सुपरफूड भी कहा जाता है।
| क्रमांक | फायदा | संक्षिप्त विवरण |
|---|---|---|
| 1 | ब्लड शुगर संतुलन | डायबिटीज नियंत्रण में सहायक। |
| 2 | पाचन में लाभकारी | फाइबर की अधिकता से भोजन आसानी से पचता है। |
| 3 | हृदय के लिए फायदेमंद | कोलेस्ट्रॉल कम करने में मददगार। |
| 4 | वजन नियंत्रण | मोटापे से बचाव के लिए आदर्श अनाज। |
| 5 | ऊर्जा का स्रोत | लंबे समय तक शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं। |
| 6 | हर मौसम में उपयुक्त | गर्मी-सर्दी किसी भी सीजन में सेवन योग्य। |
| 7 | रोग प्रतिरोधक क्षमता | कैंसर व जीवनशैली संबंधी बीमारियों से बचाव। |
| 8 | कम पानी में खेती | पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा। |
| 9 | जैविक खेती को बढ़ावा | रसायन रहित खेती के लिए उपयुक्त। |
| 10 | दवाइयों पर निर्भरता कम | सही भोजन से बीमारियों की रोकथाम। |
कार्यशाला में शासन सचिव (कृषि एवं उद्यानिकी) ने बताया कि राज्य सरकार श्रीअन्न की खेती और उपभोग को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों को बीज मिनीकिट, माइक्रो न्यूट्रिएंट, बायो पेस्टिसाइड किट और प्रसंस्करण के लिए सहायता राशि उपलब्ध करवा रही है। साथ ही, जोधपुर में मिलेट्स उत्कृष्टता केन्द्र और बाड़मेर में अनुसंधान केन्द्र स्थापित किए जा रहे हैं।
सरकार ने इस वर्ष श्रीअन्न को मिड-डे मील में शामिल करने और उपभोक्ता भंडारों में मिलेट्स कॉर्नर शुरू करने की घोषणा भी की है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हर व्यक्ति अपने भोजन में मिलेट्स को शामिल करे तो न केवल स्वास्थ्य बेहतर होगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी बड़ा योगदान मिलेगा।