
Ease of Doing Business: जयपुर. अहमदाबाद में आयोजित राष्ट्रीय खनिज चिंतन शिविर में राज्य के प्रमुख सचिव माइंस एवं भूविज्ञान टी. रविकान्त ने खनन क्षेत्र में ईज ऑफ डूइंग को बढ़ावा देने के लिए प्री-एम्बेडेड ब्लॉकों की नीलामी को एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने “आइडेंटिफिकेशन ऑफ प्री-एम्बेडेड ब्लॉक्स फॉर ऑक्शन” विषय पर प्रस्तुति देते हुए राजस्थान के अनुभव और भविष्य की कार्ययोजना साझा की।
रविकान्त ने बताया कि राजस्थान में आवश्यक अनुमतियां प्राप्त कर 8 मेजर मिनरल ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया जारी है, वहीं माइनर मिनरल के 62 और मेजर के 5 ब्लॉक चिन्हित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि नीलाम खानों के परिचालन में देरी देशव्यापी समस्या है, जिससे निवेश, उत्पादन, रोजगार और राजस्व प्रभावित होता है। इसी कारण केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को प्री-एम्बेडेड ब्लॉकों की नीलामी का लक्ष्य दिया है।
उन्होंने अनुमतियों में लगने वाले समय को कम करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि जनसुनवाई, माइनिंग प्लान स्वीकृति, वन एवं वन्यजीव अनुमतियां तथा विभागीय समन्वय में तेजी लाई जानी चाहिए। खानों को शीघ्र परिचालन में लाने से राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को बल मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।