जयपुर

विकास के लिए मोदी चीन में लेकिन यहां लगा मोदी के सपने को बड़ा झटका

विकास के लिए मोदी चीन में लेकिन यहां लगा मोदी के सपने को बड़ा झटका
2 min read
• •
Updated: 28 Apr 2018, 12:32 PM IST
Modi
Modi

विकास के लिए मोदी चीन में लेकिन यहां लगा मोदी के सपने को बड़ा झटका
जयपुर
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के विकास के लिए चनी यात्रा पर हैं और इधर मोदी के सपनों को बट्टा लगाया जा रहा है। राजस्थान में मोदी के सपनों से खिलवाड़ हो रहा है। लोगों को सरकारी योजनाओं का फायदा नहीं मिल पा रहा है। सरकारी रवैये से योजनाएं इतनी सुस्त गती से चल रही हैं कि उनका फायदा मिलना तो दूर उनके बारे में जानकारी तक नहीं हो रही है। मोदी ने कुछ साल पहले देश के हर व्यक्ति के पास अपना घर होने का सपना देखा था लेकिन इस सपने में सरकारी सिस्टम बाधा डाल रहा है। राजस्थान में योजना का बेहद बुरा हाल है।

2022 तक का लक्ष्य रखा गया है योजना का
पीएम द्वारा 2022 तक हर व्यक्ति को आवास देने का लक्ष्य रखा गया है। सभी स्टेट को इस योजना को सख्ती से लागू करने के भी निर्देश हैं। लेकिन भाजपा शासित राज्य राजस्थान में ही पीएम की योजना हाउस फॉर ऑल के हालात सही नहीं है। मकान लेने करीब एक लाख लोग आए हैं लेकिन उनमें से सिर्फ कुछ आवेदकों को ही इसका लाभ मिलने की उम्मीद है। बाकि तो इसके आसपास भी फटकते नहीं दिखाई दे रहे हैं।


85000 ने किया है आवेदन, पांच हजार को भी नहीं मिले आवास
हर परिवार आवास के लक्ष्य के लिए शुरू की हाउस फॉर ऑल योजना में राजस्थान में बैंकों ने अड़ंगा लगा दिया है। राज्य सरकार ने सीएम जन आवास योजना और हाउस फॉर ऑल को क्लब करके पूरे प्रदेश में बिना आवास वाले परिवारों के लिए 2015 में योजना लागू की। उसके लिए अब तक 85 हजार लोगों ने आवास के आवेदन किए, लेकिन इसमें से 80 हजार को ऋण देने से बैंकों ने इंकार कर दिया। इस कारण उनको आवास नहीं मिल सके हैं। इससे योजना रुकने के कगार पर पहुंच गई है। यूडीएच एसीएस मुकेश शर्मा ने शुक्रवार को योजना की धीमी प्रगति पर अफसरों से पूछा तो सामने आया कि 85 हजार में से 5 हजार को भी आवास नहीं मिल पाए हैं। इस पर तय हुआ कि अब राज्य सरकार केंद्र को पत्र लिखेगी, जिसमें बैंकों द्वारा बताई आरबीआई की गाइड लाइन में बदलाव का आग्रह किया जाएगा, जिससे प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना को गति मिल सके। पिछले 3 साल में 85 हजार से अधिक आवास विहीन लोगों ने आवेदन किए। उनको आवंटन के समय बैंकों ने लोन देने से इंकार कर दिया।

Published on: