जयपुर

राजस्थान के लिए मानसून लेकर आया अच्छी खबर, जून माह में सामान्य से 128 फीसदी अधिक हुई बारिश

Monsoon Updates : राजस्थान के लिए मानसून अच्छी खबर लेकर आया है। प्रदेश में जून माह में सामान्य से 128 फीसद अधिक बारिश हुई। नदियां-नाले उफान पर, बांधों में भी पानी की आवक तेज है। गुड न्यूज यह है कि आज से मानसून फिर सक्रिय हो रहा है।
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Monsoon Brought Good News for Rajasthan June month there was 128 percent more rain than normal
अजमेर में भारी बारिश का दृश्य। फोटो (ANI)

Monsoon Updates : राजस्थान में आषाढ़ मास के दौरान मानसून के शुरुआती दौर में बादल श्रावण मास की तरह मेहरबान हैं। प्रदेशभर में जून महीने में ही तालाब और बांध लबालब होने की स्थिति में पहुंच गए हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 से 30 जून तक प्रदेश में सामान्य से 128 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है। पूर्वी राजस्थान में यह बढ़त और अधिक है, जहां सामान्य से 160 फीसदी अधिक बारिश जबकि पश्चिमी राजस्थान में 79 फीसदी अधिक बारिश दर्ज हुई है। बारिश की वजह से प्रदेश की नदियां और नाले उफान पर हैं, वहीं बांधों में भी पानी की आवक तेज हो गई है। कोटा संभाग के कई छोटे बांध पूरी तरह भर चुके हैं। बीसलपुर, पार्वती और माही बजाज सागर जैसे प्रमुख बांधों में भी पानी की अच्छी आवक हुई है।

मौसमी परिस्थितियां पूरी अनुकूल

जयपुर मौसम केंद्र के मुताबिक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी एवं आसपास के लगने वाले पश्चिम बंगाल क्षेत्र के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इससे राजस्थान में भी मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदलेगा। आमजन को गर्मी और उमस से राहत मिलेगी। आगामी सात दिनों तक पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के 27 से ज्यादा जिलों में कहीं भारी और कहीं हल्की बारिश होगी। मंगलवार से दौसा, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर समेत कई जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है। अजमेर, अलवर, जयपुर, कोटा, भरतपुर और उदयपुर जिलों में तेज बारिश होने के आसार हैं।

पश्चिमी की बजाय पूर्वी राजस्थान में अधिक मेहरबान मानसून

बीते दस साल में प्रदेश में मानसून पश्चिम की बजाय पूर्वी राजस्थान में बादल अधिक बरसा है। बीते वर्षों में प्रदेश में औसत से अधिक बारिश देखने को मिली है। इस बार भी समय से पहले पहुंचे मानसून ने अच्छी बरसात की उम्मीदें जगा दी है। प्रदेश की औसत वर्षा 421.96 मिमी. मानी जाती है। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2019 में बीते दस साल में सर्वाधिक 747.24 मिमी. वर्षा दर्ज की गई, जबकि सबसे कम बारिश साल 2015 में 506.28 मिमी रही। साल 2024 में 662.87 मिमी. बारिश दर्ज की गई है।

बांधों में पानी की आवक जारी

राजस्थान के बांधों में जलस्तर की वर्तमान स्थिति जारी की गई है। बांधों में कुल भराव क्षमता का 50.45 प्रतिशत पानी है। बीते साल 30 जून को 32.53 प्रतिशत पानी था। प्रदेश के 90 सूखे बांधों में पानी की आवक हुई है। जयपुर संभाग के बांधों में कुल भराव क्षमता का 37.05 प्रतिशत पानी है।

प्रदेश में अब तक बारिश का हाल

प्रदेश में 41 जिलों में से 33 में असामान्य वर्षा, चार जिलों में सामान्य से अधिक और तीन जिलों में सामान्य व एक जिले में सामान्य से कम वर्षा अब तक हुई है। कोटा संभाग में अभी तक 262 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी है। जोधपुर संभाग में भी अब तक औसत से 27 फीसदी अधिक बारिश हुई है।

प्रदेश में 1 से 30 जून के आंकड़े

विभाग के मुताबिक प्रदेश में 1 से 30 जून तक औसतन 55 एमएम बारिश होती है, लेकिन अब तक कुल 125.3 M.M बारिश दर्ज हो चुकी है, जो औसत से 128 फीसदी ज्यादा है। पूर्वी राजस्थान में अब तक 160 फीसदी अधिक बारिश हो चुकी है। सामान्य 74.7 बारिश के बजाय अब तक कुल 194.1 M.M बारिश हो चुकी है। जबकि पश्चिमी राजस्थान में 79 फीसदी अधिक बारिश दर्ज हो चुकी है। औसतन 39.4 एमएम बारिश के स्थान पर अब तक कुल 70.4 M.M. बारिश दर्ज हो चुकी है। पूर्वी राजस्थान के बारां में सामान्य से 284, भीलवाड़ा में 248, दौसा में 219, टोंक-करौली में 209, राजसमंद में 200 फीसदी अधिक बारिश दर्ज हो चुकी है। जबकि पश्चिमी राजस्थान में जालौर में सबसे ज्यादा 245, चूरू में 136, पाली में 130, नागौर में 122 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की चुकी है।

Updated on:
09 Jul 2025 06:08 pm
Published on:
01 Jul 2025 07:24 am