जयपुर

बड़ा खुलासा! रात बीतते ही यहां उपद्रव करवाने की फिराक में था ‘आसाराम‘

आजीवन कारावास की सजा होने के बाद हुआ खुलासा...
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Apr 27, 2018
asaram

जयपुर। नाबालिग छात्रा से यौन दुराचार का आरोपी आसाराम भले ही संत के वेश में समाज को शिक्षा देने का ढोंग करता रहा, लेकिन खुद पर बन आई तो उपद्रव कराने पर आमादा हो गया था। यह सनसनीखेज खुलासा उसे आजीवन कारावास की सजा होने के बाद हुआ।

पुत्र नारायण सांई व पुत्री के साथ रची साजिश
दरअसल, जोधपुर के महिला पुलिस थाने में 21 अगस्त 2013 को आसाराम के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद 30 अगस्त की रात जोधपुर पुलिस गिरफ्तार करने इंदौर आश्रम पहुंच गई थी। इस पर आसाराम ने अपने पुत्र नारायण सांई व पुत्री के साथ आश्रम के कमरे में सिंधी भाषा में बात की। उसकी साजिश थी कि किसी तरह रात बीत जाए। सुबह होने पर उसके समर्थक बाजार बंद करा उपद्रव पर उतर आएंगे और पुलिस खाली हाथ लौट जाएगी।

भारी पड़ सकती थी देरी
संयोग था कि गिरफ्तारी के लिए गई टीम में पुलिस का एक अधिकारी सिंधी भाषा समझता था। उसने उच्चाधिकारी से बात की। टीम में शामिल सत्यप्रकाश के अनुसार साजिश का पता चलने पर आसाराम को दबोचने में देरी भारी पड़ सकती थी। ऐसे में रातोंरात जोधपुर पुलिस आसाराम को पकडकऱ आश्रम के पीछे के दरवाजे से सीधे हवाई अड्डा पहुंच गई।

16 वर्षीय लडक़ी ने किया था केस
2013 अगस्त में 16 साल की लडक़ी ने आरोप लगाया कि आसाराम ने जोधपुर आश्रम में उससे यौन शोषण किया। दो दिन बाद ही लडक़ी के पिता ने दिल्ली जाकर आसाराम के खिलाफ रिपोर्ट लिखवाई। राजस्थान पुलिस ने आसाराम को पूछताछ के लिए 31 अगस्त 2013 तक का समय देते हुए समन जारी किया। 31 अगस्त को ही आसाराम को इंदौर से गिरफ्तार कर लिया।

आसाराम को सजा मिलने के बाद याद आया व्रत
सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे दुष्कर्म के दोषी व कैदी नम्बर 130 आसाराम को सजा मिलने के बाद व्रत याद आया है। आसाराम ने सजा के दूसरे दिन गुरुवार को एकादशी व्रत रखा। सुबह जल्दी उठा और जेल से मिलने वाला दूध पिया। दिनभर आसाराम ने आहार नहीं लिया। उसकी बुधवार की रात बैचेनी में कटी। रात में उसने जेल की रोटी खाई। इससे पहले आसाराम का खाना उसके आश्रम से आता था।

सजायाफ्ता होने के कारण अब जेल से खाना मिलेगा। अब जमानत की सोच रहा आसाराम आसाराम पिछले 56 माह से जेल में है। उसे एक दिन पहले आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई, तब उसने दिनभर खाना नहीं किया। रात में आसाराम ने जेल से दिया गया खाना खाया। सुबह वह जल्दी उठा और नित्यकर्म कर बैरक में टहला। इसके बाद उसने दूध लिया।

Published on:
27 Apr 2018 12:52 pm