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सुरक्षाकर्मियों से बाेला आसाराम- अब जमानत मिल जाए तो ठीक है, गुरुवार को कोई नहीं आया मिलने

आसाराम प्रकरण में जो 453 का पेज का जो ऐतिहासिक फैसला सुनाया गया उस पर हस्ताक्षर करने में ही जज को डेढ़ घंटा लगा था।

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asaram bail

जयपुर। नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी आसराम के मामले की सुनवाई से लेकर आजीवन कारावास की सजा सुनाने वाले अनुसूचित जाति जनजाति विशिष्ट न्यायालय में दूसरे दिन दिन गुरुवार को सामान्य तरीके से कामकाज हुआ।

फैसले की फोटो कॉपी करने में दो घंटे से अधिक समय लगा

जानकारी के अनुसार, बुधवार को आसाराम प्रकरण में जो 453 का पेज का जो ऐतिहासिक फैसला सुनाया गया उस पर हस्ताक्षर करने में ही जज को डेढ़ घंटा लगा था।

तीन मुलजिमों को सजा सुनाने के बाद उनके अधिवक्ताओं को उपलब्ध कराने के लिए फैसले की फोटो कॉपी करने में भी दो घंटे से अधिक समय लगा। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने न्यायाधीश की सुरक्षा में एक नियमित बंदूकधारी सुरक्षाकर्मी लगा दिया है।

अब जमानत की आस में आसाराम
सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे दुष्कर्म के दोषी आसाराम अब जमानत की आस में है। अासाराम ने सजा के दूसरे दिन गुरुवार को एकादशी व्रत रखा। सुबह जल्दी उठा और जेल से मिलने वाला दूध पिया। दिनभर आसाराम ने आहार नहीं लिया।

उसकी बुधवार की रात बैचेनी में कटी। रात में उसने जेल की रोटी खाई। इससे पहले आसाराम का खाना उसके आश्रम से आता था। सजायाफ्ता होने के कारण अब जेल से खाना मिलेगा।

आसाराम पिछले 56 माह से जेल में है। उसे जिस दिन आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई, उस दिन उसने दिनभर खाना नहीं खाया। रात में आसाराम ने जेल से दिया गया खाना खाया। सुबह वह जल्दी उठा और नित्यकर्म कर बैरक में टहला। इसके बाद उसने दूध लिया।

जेलकर्मियों ने खाने के लिए पूछा तो उसने एकादशी व्रत बताते हुए कहा कि व्रत से शक्ति व पुण्य मिलता है। सुरक्षाकर्मियों से हल्की-फुल्की चर्चा में उसने कहा कि जमानत मिल जाए तो ठीक है। वह कड़ी सजा मिलने का अफसोस कर रहा था।

शिल्पी ने महिला जेल का खाना खाया
आसाराम जेल में कैदी नम्बर 130 है। उसके सेवादार शरद के नम्बर 129 है। दोनों एक ही वार्ड में है। फिलहाल शरद उसकी सेवा कर रहा है। इससे पहले प्रकाश उसके साथ रहता था। अब प्रकाश बरी हो चुका है। अभियुक्त शिल्पी ने महिला जेल का खाना खाया। सजा को लेकर वह परेशान है।

आसाराम को सजा सुनाए जाने के बाद जेल प्रशासन की ओर से अब तक कैदियों वाले कपड़े नहीं दिए गए हैं। जेल प्रशासन का कहना है कि शीघ्र ही आसाराम व शरद को डे्रस दी जाएगी। जेल में उसकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। आसाराम से मिलने गुरुवार को कोई नहीं आया।