थानाधिकारी मुकेश कुमार खारड़िया ने बताया कि आरोपी के पीछे एक संगठित सिंडिकेट था, जो कपड़ा बेचकर मुनाफा आपस में बांटता था। आरोपी ने फर्जी दस्तावेजों से सात बैंकों से बिजनेस लोन भी हड़पे। आरोपी के खिलाफ जयपुर, यूपी, महाराष्ट्र, तेलंगाना और तमिलनाडु में भी मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब फरार सह-आरोपियों की तलाश कर रही है।