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Ashok Gehlot : ‘गरीब की मजदूरी रोकना किसी भी सरकार को शोभा नहीं देता’, अशोक गहलोत ने दी राजस्थान सरकार को नसीहत

Ashok Gehlot : कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान सरकार बजट का प्रावधान कर सभी श्रमिकों की लंबित मजदूरी एवं संविदाकर्मियों का वेतन तत्काल जारी करे।
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Ashok Gehlot gave advice Rajasthan government poor wages Stopping does not suit

Ashok Gehlot : कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत। फाइल फोटो पत्रिका

Ashok Gehlot : कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत ने आज भजनलाल सरकार पर जमकर हमला किया। अशोक गहलोत ने मांग की कि राजस्थान सरकार बजट का प्रावधान कर सभी श्रमिकों की लंबित मजदूरी एवं संविदाकर्मियों का वेतन तत्काल जारी करे। गरीब की मजदूरी रोकना किसी भी सरकार को शोभा नहीं देता।

अशोक गहलोत ने आज सोशल मीडिया अकांउट पर लिखा कि मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना हमारी कांग्रेस सरकार ने शहरी गरीबों, दिहाड़ी मजदूरों और जरूरतमंद परिवारों को मनरेगा की तर्ज पर रोजगार की गारंटी देने के लिए शुरू की थी। यह देश की उन गिनी-चुनी योजनाओं में से थी जिसने कोरोना के बाद शहरी क्षेत्रों में लाखों परिवारों को संबल दिया।

अशोक गहलोत ने आगे लिखा कि आज उसी योजना का हाल यह है कि भीषण गर्मी में पसीना बहाकर काम करने वाले प्रदेश के करीब 1.78 लाख श्रमिकों को बीते 6 महीनों से मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ है। नगरीय निकायों में तैनात लगभग 900 संविदाकर्मी 6 से 7 महीने से बिना वेतन काम करने को मजबूर हैं। कर्मचारियों में भारी मानसिक तनाव और हताशा है और वे स्वयं चेतावनी दे रहे हैं कि आर्थिक तंगी के कारण कोई अप्रिय घटना हुई तो जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

अशोक गहलोत कहा कि विडंबना यह है कि सरकार 6 प्रतिशत एडमिनिस्ट्रेटिव फंड की कमी का बहाना बनाकर भुगतान रोक रही है, जबकि इन्हीं कर्मचारियों से स्वच्छ भारत मिशन, शहरी सेवा शिविर और जनगणना जैसे सरकारी कार्य पूरे करवाए जा रहे हैं। काम पूरा लिया जाए और मेहनताना न दिया जाए, यह श्रमिक के साथ अन्याय है।

राजस्थान सरकार बजट प्रावधान कर सभी श्रमिकों की लंबित मजदूरी एवं संविदाकर्मियों का वेतन तत्काल जारी करे। गरीब की मजदूरी रोकना किसी भी सरकार को शोभा नहीं देता।

'भाजपा नेता की मांग-नियमों में कांग्रेस सरकार के समय जैसी छूट दी जाए'

अशोक गहलोत ने कहा कि आज भारतीय जनता पार्टी के नेता भी स्वीकार कर रहे हैं कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के "प्रशासन शहरों के संग अभियान" जैसी राहत आमजन को वर्तमान सरकार के शिविरों में नहीं मिल रही। अशोक गहलोत ने रविवार को अपने बयान में कहा कि कोटा के निवर्तमान महापौर एवं भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री ने स्वयं लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर मांग की है कि नियमों में कांग्रेस सरकार के समय जैसी छूट दी जाए।

कांग्रेस सरकार ने पट्टे देने की जटिल प्रक्रियाओं को किया था सरल

अशोक गहलोत ने कहा कि हमारी कांग्रेस सरकार ने पट्टे देने की जटिल प्रक्रियाओं को सरल किया था। वैकल्पिक दस्तावेजों को मान्यता, 300 वर्गमीटर तक फ्री-होल्ड पट्टे का प्रावधान, लिंक डॉक्यूमेंट के अभाव में शपथ-पत्र से राहत और हक-त्याग व वसीयत के मामलों में मात्र 500 रुपए के स्टांप की सुविधा। इसी संवेदनशीलता से 10 लाख से अधिक परिवारों को उनके आशियाने का मालिकाना हक मिला।

ताकि आमजन को उसके घर का मिल सके हक

अशोक गहलोत ने कहा कि आज कोटा नगर निगम ने शिविरों में केवल दो पट्टे जारी किए हैं, एक हजार से अधिक फाइलें अटकी हैं और कोटा विकास प्राधिकरण ने कच्ची बस्ती के नए आवेदन लेना ही बंद कर दिया है। पूरे राजस्थान में यही हालात हैं। भाजपा सरकार राजनीतिक दुराग्रह छोड़कर पूर्ववर्ती अभियान की छूटें पुनः लागू करे, ताकि आमजन को उसके घर का हक मिल सके।