अशोक गहलोत कहा कि विडंबना यह है कि सरकार 6 प्रतिशत एडमिनिस्ट्रेटिव फंड की कमी का बहाना बनाकर भुगतान रोक रही है, जबकि इन्हीं कर्मचारियों से स्वच्छ भारत मिशन, शहरी सेवा शिविर और जनगणना जैसे सरकारी कार्य पूरे करवाए जा रहे हैं। काम पूरा लिया जाए और मेहनताना न दिया जाए, यह श्रमिक के साथ अन्याय है।