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Gulab Kothari Article : मौसी माता की सहोदरा है अत: उसके साथ भी वही अन्न जुड़ा है, जो माता के साथ जुड़ा है। मां और मौसी दोनों की देह ‘नानी’ के शरीर से बनी है। यहां अन्न के कारण ‘अन्नमय कोश’ व अन्न के सार भाग से निर्मित मन के कारण ‘मनोमय कोश’ मां-मौसी दोनों में समान रूप से बनते हैं।
Updated on:
02 Aug 2026 12:45 pm
Published on:
02 Aug 2026 12:45 pm
