
जयपुर। दिल्ली पर आबादी के दबाव को कम करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में चार नए शहर (ग्रीनफील्ड) विकसित किए जाएंगे। नमो सिटी के नाम से विकसित होने वाले ये चार नए अत्याधुनिक शहर एनसीआर में आने वाले चार राज्यों राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश व दिल्ली में बनेंगे। रीजनल रैपिड ट्रांस्पोर्ट सिस्टर (आरआरटीएस) कॉरिडोर के पास इन राज्यों में एक-एक शहर बनेगा।
केंद्र सरकार पांच साल में इन शहरों के विकास के लिए 5000 करोड़ रुपए की सहायता देगी। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की 42वीं बैठक में यह फैसला किया गया। बैठक में रीजनल प्लान-2041 के मसौदे पर चर्चा की गई।
नमो सिटी के लिए राजस्थान में अलवर, खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ जिलों में जमीन तलाशी जाएगी। बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एके शर्मा और राजस्थान के शहरी विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा शामिल हुए।
नमो सिटी में चौड़ी सड़कें, बेहतर जल निकासी व्यवस्था, स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम, सोलर एनर्जी आधारित सुविधाएं, आधुनिक स्वास्थ्य एवं शिक्षा संस्थान, पार्क, खेल परिसर और व्यावसायिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही निवेश को आकर्षित करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर भी जोर रहेगा। माना जा रहा है कि इन परियोजनाओं से संबंधित जिलों की आर्थिक गतिविधियों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
प्रस्तावित नए शहर आरआरटीएस (रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम) कॉरिडोर के नमो भारत ट्रेन ट्रैक के साथ बसाए जाएंगे। इसलिए इन्हें नमो सिटी कहा जाएगा। प्लानिंग बोर्ड ऐसे 8 शहर बसाना चाहता है और टोक्यो की तर्ज दिल्ली का विकास करना चाहता है। पहले चरण में चार शहरों की मंजूरी दी गई है।
-प्रारम्भिक तौर पर दो से तीन लाख की आबादी के लिए सुविधाएं
-आधुनिक परिवहन, कचरा निस्तारण व स्वच्छ पेयजल सुविधाएं
-पर्यावरण-अनुकूल और आत्मनिर्भर शहरी केंद्र
-गिफ्ट सिटी की तरह इंफ्रास्ट्रक्चर
-दिल्ली से हेलि टैक्सी की सुविधा, एक घंटे का रेल व दो घंटे का सड़क मार्ग
-विद्यार्थियों, श्रमिकों व पेशेवरों के लिए विशेष आवासीय सुविधाएं
एनसीआरपीबी की बैठक में नमो सिटी का प्रस्ताव पास हुआ है। हम तीन शहरों का प्रस्ताव भेजेंगे। इसके लिए जमीन तलाशेंगे और स्थानीय स्तर पर विचार विमर्श के बाद नए शहर की विकास परियोजना बनाएंगे। सार्वजनिक, निजी अथवा पीपीपी मोड तीनों में से जो फिजीबल होगा उसकी संभावना देखने के बाद जल्द ही प्रस्ताव भिजवाएंगे।
-झाबर सिंह खर्रा, नगरीय विकास मंत्री, राजस्थान