
गुर्जर समाज को लेकर विवादित टिप्पणी करने के मामले में नरेश मीणा की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। बूंदी के सदर थाने में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। यह मामला युवक हंसराज गुर्जर द्वारा दर्ज कराया गया है। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि नरेश मीणा ने गुर्जर समाज के खिलाफ अभद्र और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया है।
शिकायत के अनुसार नरेश मीणा ने अपने बयान में गुर्जर समाज के उन लोगों को “गद्दार” कहा, जिन्होंने लोकसभा चुनाव 2024 में प्रह्लाद गुंजल का समर्थन नहीं किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि “जो गुर्जर प्रह्लाद गुंजल के साथ नहीं हैं, वे वीर गुर्जर नहीं हैं और उन्हें डूब मर जाना चाहिए। नरेश मीणा ने अपने बयान में कुछ लोगों के लिए आपत्तिजनक शब्द भी कहे, जिससे समाज में गहरी नाराजगी फैली।
बयान का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। गुर्जर समाज के विभिन्न संगठनों और आम लोगों ने इसे अपमानजनक बताते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की। इस पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि नरेश मीणा इससे पहले समरावता हिंसा और एसडीएम थप्पड़कांड जैसे गंभीर मामलों में भी विवादों में रह चुके हैं और करीब आठ महीने जेल में भी रह चुके हैं। अब इस नए मामले के चलते उन्हें एक और कानूनी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।