Rajasthan NEET Paper Leak Case: राजस्थान एसओजी-एटीएस को वर्ष 2025 में भी 40-40 लाख रुपए में नीट का पेपर बिकने की सूचना मिली थी। एसओजी की टीम राजस्थान में पेपर लीक गिरोह की तलाश में जुटी थी, इसके चलते गुरुग्राम व दिल्ली में दो दिन तक डेरा डाले रखा।
जयपुर। राजस्थान एसओजी-एटीएस को वर्ष 2025 में भी 40-40 लाख रुपए में नीट का पेपर बिकने की सूचना मिली थी। एसओजी की टीम राजस्थान में पेपर लीक गिरोह की तलाश में जुटी थी, इसके चलते गुरुग्राम व दिल्ली में दो दिन तक डेरा डाले रखा। राजस्थान में तीन संदिग्ध पकड़े भी गए। लेकिन मामला अफवाह का बताकर आगे जांच ही नहीं की गई। अब दावा किया जा रहा है कि वर्ष 2025 में भी बड़ी संख्या में नीट का पेपर परीक्षा से पहले परीक्षार्थियों के पास पहुंचा था।
एसओजी ने मई 2025 में चूरू के गागडवास निवासी बलवान स्वामी, करौली के शेखपुरा निवासी मुकेश मीना और झुंझुनूं के बनगोठडी निवासी हरदास को हिरासत में लिया था। तीनों आरोपियों पर आरोप था कि नीट का पेपर उपलब्ध करवाने के बदले 40-40 लाख रुपए की मांग कर रहे थे।
उधर, सीकर में एसपी प्रवीण नायक नूनावत ने नीट गेस पेपर की सूचना देने आए परिवादी की रपट दर्ज नहीं करने पर उद्योग नगर थाना के एसआइ प्रभुसिंह को लाइन हाजिर किया है। इधर, पश्चिम बंगाल से टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर सीकर के एक सेंटर पर नीट 2024 में हुई परीक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं। एक परीक्षा केंद्र से 150 बच्चों का चयन कैसे हुआ। इसकी जांच की जानी चाहिए।
वर्ष 2024 में नीट परीक्षा को लेकर देशभर में विवाद हुआ था। उस समय सीबीआइ की जांच बिहार, झारखंड, गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तराखंड समेत कई राज्यों में हुई। तब पेपर लीक व चीटिंग के मामलों में अलग-अलग एफआइआर दर्ज की गई थी। तब भी परीक्षा संचालन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए गए थे।
2026 के नीट पेपर लीक मामले में सामने आया है कि छात्रों को दो अलग-अलग तरीकों से पेपर बेचा गया था। एक तरीके में अभ्यर्थियों को कथित रूप से सटीक प्रश्न और उनके उत्तर उपलब्ध करवाए गए, जबकि दूसरे तरीके में 'गेस पेपर' के नाम पर सामग्री दी गई। दावा किया गया कि उस गेस पेपर में से 125 से अधिक प्रश्न वास्तविक परीक्षा में आएंगे। परीक्षा में गैस पेपर में रसायन विज्ञान के पेपर में आए 45 में 45 और जीव विज्ञान में 90 में से 90 सवाल-जवाब हू-ब-हू मिल गए।
नीट परीक्षा रद्द होने के बाद एक तरफ सीबीआइ ने जांच तेज कर दी है। दूसरी तरफ नीट में चीट को लेकर लगातार खुलासे हो रहे है। 2024 में हुए नीट पेपर में सीकर जिले के एक निजी स्कूल में बने नीट परीक्षा केंद्र में करीब 600 विद्यार्थी शामिल हुए थे। इनमें से करीब 150 विद्यार्थियों को मेडिकल कॉलेज मिला है। सीबीआइ इस मामले को लेकर भी जांच कर रही है। साथ एनटीए से यह नीट-2024 के रिजल्ट, किस सेंटर से कितने बच्च का मेडिकल कॉलेज में चयन हुआ इसकी छानबीन कर रही है। सीबीआइ ने एनटीए से नीट यूजी 2024 और नीट यूजी 2026 का सारा डेटा लिया है।