जयपुर

NEET पेपर लीक पर सबसे बड़ा खुलासा: 65 लाख में हुआ था पेपर का सौदा, 167 अभ्यर्थी पकड़े; एक को भी साथ नहीं ले गई CBI

नीट पेपरलीक मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि पेपर का सौदा पहले 60 लाख और बाद में 65 लाख रुपए में तय हुआ। 40 लाख रुपए एडवांस दिए गए थे। एसओजी ने 167 अभ्यर्थियों से पूछताछ की, जबकि सीबीआई अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
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May 15, 2026
NEET Paper Leak accused
NEET Paper Leak accused

जयपुर: नीट पेपर लीक मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि राजस्थान एसओजी ने जहां पेपर लेने वाले 167 परीक्षार्थियों को चिन्हित कर पूछताछ की, वहीं जांच अपने हाथ में लेने के बाद सीबीआई एक भी अभ्यर्थी को साथ नहीं ले गई। एसओजी की पकड़ में आए करीब 8 अभ्यर्थियों से सीबीआई ने लगभग 20 घंटे पूछताछ की, लेकिन बाद में सभी को छोड़ दिया।

जांच एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार, पेपर केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं था, बल्कि सैकड़ों छात्रों तक पहुंचा था। ऐसे में मामला अब केवल नकल या गैंग संचालन तक सीमित नहीं रह गया। बल्कि संगठित नेटवर्क और बड़ी साजिश के रूप में देखा जा रहा है।

2027 की थी तैयारी

जांच में यह भी सामने आया कि भौतिक विज्ञान का पेपर नहीं मिलने पर कई अभ्यर्थियों ने गैंग को भुगतान नहीं किया। इसके बाद गिरोह 2027 की नीट परीक्षा के लिए ऐसे अभ्यर्थियों की तलाश में जुट गया था, जो पहले से रकम देने को तैयार हों।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने देर रात ली बैठक

उधर, पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के आवास पर गुरुवार की देर रात अहम बैठक हुई। इसमें आगामी नीट परीक्षा को लेकर चर्चा की गई। बैठक में शिक्षा से जुड़े कई अधिकारी एक साथ जुटे और परीक्षा की तैयारियों का जायजा लिया गया। इसके साथ ही परीक्षा संचालन के हर पहलू पर चर्चा हुई।

80 लाख मांगे, 65 लाख में सौदा तय

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि पेपर उपलब्ध कराने के बदले गैंग ने जमवारामगढ़ निवासी कथित मास्टरमाइंड दिनेश बिंवाल से 80 लाख रुपए मांगे थे। बाद में 65 लाख रुपए में सौदा तय हुआ और 40 लाख रुपए अग्रिम दिए गए।

पुलिस गिरफ्त में आए दिनेश और उसके भाई मांगीलाल से पूछताछ में यह खुलासा हुआ। दोनों से मिली जानकारी के बाद जांच एजेंसियों को नेटवर्क के कई राज्यों तक फैले होने की आशंका है। फिलहाल, मामले की जांच सीबीआई कर रही है।

यहां लीक की आशंका

  • पेपर प्रिंटिंग प्रेस
  • प्रश्न पत्र तैयार करने वाली टीम
  • परीक्षा केंद्र स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत

कई राज्यों में दबिश, महाराष्ट्र से दो पकड़े

सीबीआई ने नीट पेपर लीक मामले में देश भर में 14 ठिकानों पर दबिश देकर दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, महाराष्ट्र के पुणे से मनीषा वाघमारे और अहिल्यानगर से धनंजय लोखंडे को गिरफ्तार किया गया है। मामले में अब तक कुल सात गिरफ्तारियां हो चुकी है। सीबीआई अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ कर रही है।

सीबीआई ने मंगलवार को गिरफ्तार पांच आरोपियों को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने सभी आरोपियों को 7 दिन की सीबीआई रिमांड पर सौंप दिया। इनमें जयपुर के जमवारामगढ़ निवासी दिनेश बिंवाल, उसका भाई मांगीलाल बिंवाल, मांगीलाल का बेटा विकास, गुरुग्राम निवासी यश यादव और महाराष्ट्र के नासिक निवासी शुभम खैरनार शामिल हैं।

Updated on:
15 May 2026 11:44 am
Published on:
15 May 2026 07:06 am