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पांचना बांध पर हाईकोर्ट नाराज: कमांड एरिया की नहरों में 3 सप्ताह में पानी छोड़ो, नहीं तो कलक्टर हाजिर हों

Rajasthan Panchna Dam Water Issue : राजस्थान हाईकोर्ट ने अदालती आदेश की पालना में ढिलाई पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पांचना बांध के कमांड एरिया की नहरों में पानी क्यों नहीं दिया जा रहा।
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जयपुर

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kamlesh sharma

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Updated: 30 Jun 2026, 10:06 PM IST

panchana dam

पांचना बांध: Photo- Patrika

Rajasthan Panchna Dam Water Issue : जयपुर। हाईकोर्ट ने अदालती आदेश की पालना में ढिलाई पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पांचना बांध के कमांड एरिया की नहरों में पानी क्यों नहीं दिया जा रहा। तीन सप्ताह के भीतर पानी छोड़ दिया जाए, अन्यथा 27 जुलाई को स्पष्टीकरण देने के लिए करौली जिले के कलक्टर व संबंधित अधिशासी अभियंता कोर्ट में हाजिर हों।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा व न्यायाधीश मनीष शर्मा की खंडपीठ ने कांग्रेस विधायक रामकेश मीना व अन्य की जनहित याचिकाओं व एक अवमानना याचिका पर मंगलवार को यह आदेश दिया। सरकारी पक्ष की ओर से कहा गया कि अदालती आदेश की पालना के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर विरोध के कारण कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा है।

सरकारी पक्ष ने अदालती आदेश की पालना के लिए 15 दिन का समय मांगा। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सारांश सैनी ने कोर्ट को बताया कि पांचना बांध से वर्ष 1987 से 2005 तक कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़ा जा रहा था, लेकिन राज्य सरकार के नहरों में पानी छोड़ना बंद कर देने से वर्ष 2006 से कमांड एरिया के 35 गांवों के किसानों को सिंचाई का पानी नहीं मिल रहा है। हाईकोर्ट वर्ष 2020 और अप्रेल व मई 2026 में नहरों में पानी छोड़ने का आदेश दे चुका, लेकिन प्रशासन उसकी पालना नहीं कर रहा।

कोर्ट ने इस पर सख्ती दिखाते हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता बसंत छाबा से कहा कि आदेश का पालन कराने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया जा रहा है, इसकी पालना नहीं होने पर संबंधित कलक्टर व अन्य अधिकारी हाजिर हों।

क्या है पांचना बांध विवाद

पांचना बांध विवाद मुख्य रूप से करौली और सवाई माधोपुर जिलों के 74 गांवों के बीच पानी बंटवारे को लेकर पिछले 20 सालों से चल रहा हैं। बांध के आसपास के 39 गांवों का कहना है कि बांध के निर्माण में उनकी जमीनें गईं, इसलिए पहला हक उनका है और नहरों में पानी छोड़ने से उन्हें अपने क्षेत्र में जल संकट गहराने का खतरा है। वहीं दूसरी ओर कमांड एरिया के 35 गांवों के किसान नहरों में तुरंत पानी छोड़ने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।