जयपुर

Rajasthan Tourism: राजस्थान में नई फिल्म और पर्यटन नीति जल्द लागू, एडवेंचर टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा, जानें क्या है योजना

Ropeway Projects in Rajasthan: खाटूश्यामजी से पुष्कर तक बदलेंगे धार्मिक स्थल, सरकार ने बनाई नई रणनीति, शेखावाटी की हवेलियां फिर लौटाएंगी शान, संरक्षण को मिली हरी झंडी।

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May 17, 2025
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Film Policy Rajasthan: राजस्थान में पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के उद्देश्य से उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दिया कुमारी की अध्यक्षता में पर्यटन विभाग की अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पर्यटन नीति, फिल्म नीति, रोपवे प्रोजेक्ट, धार्मिक स्थलों के विकास और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार जैसे कई अहम मुद्दों पर निर्णय लिए गए। सरकार ने प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख पर्यटन स्थल बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

राजस्थान में पर्यटन के विकास के लिए ये 10 प्रमुख कार्य भी किए जाएंगे, जानिए एक नजर में

  1. 1-नई पर्यटन एवं फिल्म नीति शीघ्र जारी होगी – राज्य सरकार ने दोनों नीतियों को अंतिम रूप देकर जल्द ही लागू करने के निर्देश दिए हैं।
  1. 2-एडवेंचर टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा – राज्य में रोमांचक पर्यटन गतिविधियों की योजना तैयार की जा रही है ताकि युवाओं और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके।
  1. 3-पर्यटन स्थलों पर CCTV कैमरों की व्यवस्था – सुरक्षा के दृष्टिकोण से सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
  1. 4-धार्मिक स्थलों का विकास – पुष्कर सरोवर, खाटूश्यामजी मंदिर, चामुंडा माता मंदिर जैसे प्रमुख तीर्थस्थलों पर सौंदर्यकरण और सुविधाओं के विकास पर जोर दिया गया है।
  1. 5-शेखावाटी की हवेलियों का संरक्षण – प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करने के लिए शेखावाटी क्षेत्र की प्राचीन हवेलियों के संरक्षण की योजना बनाई जा रही है।
  1. 6-जयपुर चारदीवारी और आमेर क्षेत्र का कायाकल्प – आमेर में कॉन्सर्ट वेन्यू की संभावना और चौड़ा रास्ता स्थित टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर (TFC) के बेहतर उपयोग पर कार्य किया जाएगा।
  1. 7-चार शहरों में रोपवे प्रोजेक्ट – आमेर, रणथंभौर, चित्तौड़गढ़ और बांसवाड़ा में एनएचएआई द्वारा रोपवे बनाए जा रहे हैं, जिनकी प्रगति की समीक्षा की गई।
  1. 8-स्वच्छता और बुनियादी सुविधाएं – पर्यटन स्थलों पर पेयजल, शौचालय और स्वच्छता की समुचित व्यवस्था के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
  1. 9-सांस्कृतिक स्थलों का जीर्णोद्धार – अल्बर्ट हॉल, बावड़ियों, वार म्यूजियम (झुंझुनूं व जैसलमेर) एवं अन्य ऐतिहासिक स्थलों के विकास पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
  1. 10-महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट पर विशेष फोकस – ऐतिहासिक महापुरुषों की स्मृति को जीवित रखने और पर्यटन से जोड़ने के लिए इस सर्किट के विकास की योजना बनाई गई है।
Updated on:
17 May 2025 08:38 pm
Published on:
17 May 2025 08:36 pm
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