New Gram Panchayat In Rajasthan: राजस्थान में फरवरी में प्रस्तावित पंचायत चुनाव से पहले 1264 नए सरपंचों के लिए राजनीतिक जमीन तैयार हो गई है।
जयपुर। राजस्थान में फरवरी में प्रस्तावित पंचायत चुनाव से पहले 1264 नए सरपंचों के लिए राजनीतिक जमीन तैयार हो गई है। पंचायत पुनर्गठन के लिए उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट की अध्यक्षता में बनी मंत्रिमंडलीय उपसमिति ने इन नई ग्राम पंचायतों के ( New Gram Panchayat In Rajasthan ) गठन को मंजूरी दे दी है। साथ ही 48 नई पंचायत समितियों ( New Panchayat Aamiti In Rajasthan ) का गठन किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार समिति ने सरकार को रिपोर्ट दे दी है।
सीएम की मंजूरी के बाद शीघ्र नई ग्राम पंचायतों और पंचायत समितियों की अधिसूचना जारी की जाएगी। परिसीमन की अधिसूचना जारी होने के बाद प्रदेश में पंचायत चुनाव का गणित बदल जाएगा। अभी तक राज्य में 9888 ग्राम पंचायतें थी, अब 11152 पंचायतों में चुनाव होगा। ऐसे ही मौजूदा 295 पंचायत समितियों के स्थान पर 343 में प्रधान चुने जाएंगे।
आयोग ने दी थी सरकार को चेतावनी
गौरतलब है कि परिसीमन का कार्य पूरा नहीं होने और चुनाव का समय नजदीक आने पर राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत राज विभाग को हाल ही चेताया था। आयोग ने कहा था कि परिसीमन का काम शीघ्र पूरा नहीं हुआ तो पुराने परिसीमन से ही चुनाव प्रक्रिया शुरू करा देंगे।
इधर आयोग से मंगलवार तक मांगा जवाब
जयपुर नगर निगम के चुनाव टालने के मसले पर शुक्रवार को राज्य निर्वाचन विभाग ने जवाब नहीं दिया। इस पर हाईकोर्ट ने मंगलवार तक जवाब देने के निर्देश दिए और सुनवाई स्थगित कर दी। एडवोकेट सतीश शर्मा ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर उक्त चुनाव स्थगन को चुनौती दी है। याचिका में कहा है कि जयपुर, कोटा और जोधपुर में दो नगर निगम बनाने की आड़ में चुनाव स्थगित किए गए हैं।
निकाय चुनाव स्थगित करना संविधान के प्रावधानों के खिलाफ है। एडवोकेट आरडी रस्तोगी ने कहा कि चुनाव कराना निर्वाचन विभाग का जिम्मा है और चुनाव आयोग संवैधानिक संस्था है। ऐसे में सरकार चुनाव नहीं कराती या बाधा पहुंचाती है तो आयोग को कोर्ट में आना चाहिए। ऐसे में मामले में राज्य चुनाव आयोग को स्थिति साफ करनी चाहिए। इस पर मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत माहान्ती और न्यायाधीश महेंद्र गोयल ने राज्य चुनाव आयोग को 19 नवंबर तक जवाब देने के निर्देश दिए। याचिका में कोर्ट से चुनाव शीघ्र कराने के निर्देश देने की मांग की गई है।