
जयपुर।
केन्द्रीय सड़क-परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari का निजी सचिव (पीएस) बनकर नगर निगम में बकाया भुगतान करने की सिफारिश के लिए आया एक व्यक्ति महापौर ashok lahoty की सजगता से पकड़ा गया। मेरठ निवासी अशोक राणा नामक उक्त व्यक्ति को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।
महापौर डॉ. अशोक लाहोटी ने बताया कि मंगलवार सुबह 11 बजे अशोक राणा ने फोन कर खुद को केंद्रीय मंत्री का पीएस बताते हुए मिलने का समय मांगा था। उसे दोपहर 2 बजे आने के लिए कहा था। इस दौरान गडकरी के दिल्ली स्थित कार्यालय में संपर्क कर अशोक के बारे में पूछा तो उन्होंने पहचानने से इन्कार कर दिया। बाद में अशोक नगर निगम कार्यालय आया तो उसकी फोटो खींचकर गडकरी के कार्यालय भेजी गई। तब वहां कार्यरत वैभव डांगी व शैलेष शर्मा ने बताया कि जो व्यक्ति महापौर से मिलने पहुंचा है वो फर्जी है। बाद में उसे पुलिस पकड़कर ले गई।
प्रारंभिक जांच के बाद ज्योतिनगर थानाधिकारी वीरेन्द्र कुमार ने बताया कि अशोक सफाई कम्पनी मैसर्स प्रहरी के बकाया भुगतान की सिफारिश के लिए पहुंचा था। इस दौरान कम्पनी के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। पुलिस ने प्रतिनिधि से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि आरोपी ने खुद को पीएस बताया था। उसने कहा था कि काम होने के बाद लेन-देन कर लेंगे।
बताया गया कि पूर्व महापौर ज्योति खंडेलवाल के कार्यकाल में उक्त कम्पनी को शहर की सफाई व्यवस्था का जिम्मा दिया गया था। कम्पनी ने कर्मचारियों के पीएफ व ईएसआइ की राशि जमा नहीं कराई थी। पूर्व महापौर की शिकायत पर इसकी जांच चल रही है।