
उनियारा गुलाबपुरा भीलवाड़ा हाईवे जो पहली ही बरसात से पूरी तरह जर्जर हो गया।
उनियारा. उनियारा-गुलाबपुरा-भीलवाड़ा हाइवे का उदï्घाटन होनेे से पहले ही यह क्षतिग्रस्त हो गया है। 148डी के नाम से उनियारा-गुलाबपुरा-भीलवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित है। पिछले छह माह से राजमार्ग पर आवागमन जारी है। इस अवधि में राजमार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है।
यद्धपि वाहन चालक सावधानी से वाहन चला रहे हैं। इसके बाद भी कई बार वाहन गड्ढो में धंस जाते हैं। टोंक-सवाईमाधोपुर मार्ग के कस्बे के मुख्य चौराहे से गुलाबपुरा भीलवाड़ा हाइवे की सडक़ लगभग दो किलोमीटर पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुकी है।
अधिक निकल रहे हंै वाहन
कोटा की ओर से जाने वाले वाहन जो पहले देवली टोंक होते हुए जयपुर निकलते थे, वह सभी वाहन दो टोल बचाने के कारण कोटा से हिण्डौली होते हुए गुलाबपुरा हाइवे पर होते हुए टोंक होते हुए जयपुर जा रहे है। क्षमता से अधिक वाहन निकलने के कारण हाइवे क्षतिग्रस्त हो चुका है।
उनियारा कस्बे के आस-पास की सडक़ पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो जाने के कारण फिल्टर प्लांट के पास से ही वाहन चालक अब ओवरलोड वाहनों को उनियारा कस्बे से निकाल रहे है, जिससे बस स्टैण्ड तिराहे पर जाम लगा रहता है। ओवरलोड वाहन निकलने के कारण गुरुवार सुबह पिकअप एवं ट्रोले में भिड़न्त हो गई, जिससे दूध से भरी पिकअप पलटने से बच गई।
काली मिटï्टी का किया उपयोग
हाइवे निर्माणाधीन फर्म ने निर्माण के दौरान काली मिटï्टी का प्रयोग किया। मापदण्डों के अनुरुप कार्य नहीं होने एवं बारिश का पानी सडक़ के नीचे जाने के साथ ही धंसने की समस्या सामने आती जा रही है। इसके चलते कई वाहन फंस चुके है।
विधायक ने की थी शिकायत
देवली-उनियारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेन्द्र गुर्जर ने हाइवे का अवलोकन के बाद निर्माणाधीन फर्म की ओर से घटिया निर्माण सामग्री उपयोग में लिए जाने की शिकायत राज्य सरकार सहित केंद्रीय सडक़ एवं परिवहन मंत्री नीतिन गडकऱी को से भी की थी, लेकिन अब तक केंद्रीय टीम ने इसका जर्जर सडक़ का अवलोकन नहीं किया। ऐसे में यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को परेशानी हो रही है।
Published on:
13 Sept 2018 08:15 am
