नरैना कस्बे में जीर्णशीर्ण होने की कगार पर पहुंचे गिरदावर व बस स्टैंड विश्राम स्थल भवन
जयपुर
जयपुर जिले के नरैना कस्बे में लाखों रुपए खर्च करके कई सरकारी भवन बना तो दिए लेकिन उनका उपयोग नहीं किया जा रहा है। जिसके कारण सरकारी भवन धूल फांक रहे हैं। भवन का उपयोग नहीं होने के कारण धीरे-धीरे जीर्णशीर्ण होने के कगार पर है। बावजूद इसके स्थानीय पंचायत व प्रशासन ने इन भवनों का आज तक उपयोग नहीं किया जा रहा है। यहां तक कि कभी मौका-मुआयना भी नहीं किया गया। जबकि यह सभी भवन जनता की सुविधा के काम आने वाले थे।
पशु चिकित्सालय को उद्घाटन का इंतजार
कस्बे में मुख्य बस स्टैंड पर विश्राम स्थल और गिरदावर भवन तो ऐसे हैं जिनके निर्माण को 20 साल हो गए। जबकि कुछ महीनों पहले बनाया गया पशु चिकित्सालय के भवन भी सूना ही पड़ा है। जानकारी के अनुसार पशु चिकित्सालय का भवन उद्घाटन के इंतजार में है। लेकिन अभी तक चिकित्सालय का उद्घाटन नहीं हुआ है। जबकि विश्राम स्थल और गिरदावर भवन विभागीय उदासीनता के चलते उपयोग में नहीं लिए जा रहे हैं। रूपनगढ़ मार्ग पर बने पशु चिकित्सालय लगभग 6 महीने बीत गए लेकिन यह भवन उद्घाटन के इंतजार में पड़ा है। धीरे-धीरे इस भवन का हाल भी पुराने भवनों की तरह ही हो जाएगा।
समाजकंटकों का बना अड्डा
स्थानीय निवासी व समाजसेवी राकेश बोहरा ने बताया कि यात्रियों के विश्राम के लिए तत्कालीन विधायक कोटे से नरैना बस स्टैंड पर विश्राम स्थल का निर्माण करवाया गया। साथ ही सांभरलेक मार्ग पर गिरदावर भवन का निर्माण करवाया जिनके निर्माण कार्यों को हुए 20 साल हो गए हैं लेकिन ग्राम पंचायत की उदासीनता के चलते व विभागीय लापरवाही के चलते इनका उपयोग ही नहीं हो पा रहा है। यह भवन समाजकंटकों का अड्डा हो गए हैं। लाखों रुपए की लागत से बने भवन जीर्णशीर्ण हालत में हो गए हैं लेकिन बार-बार पंचायत व संबंधित विभाग को सूचना देने के बाद भी आज तक इनका उपयोग संभव नहीं हो पाया है।
संबंधित विभाग के अधिकारियों को रिपोर्ट बनाकर भेज दी गई है। इसके साथ ही पशु चिकित्सालय के भवन का उद्घाटन जल्द ही कर दिया जाएगा। — रामनारायण मालू, उप सरपंच, नरैना ग्राम पंचायत