— परिषद ने माना आंगनबाड़ी केन्द्रों में अप्रत्याशित नामांकन , स्कूलों ने आंगनबाड़ियों में बताया 3 लाख 55 हजार 220 का नामांकन
जयपुर। प्रदेशभर के स्कूलों में संचालित की जा रही आंगनबाड़ियों में नामांकन की स्थिति अब एक बार फिर से विभाग जांचेगा। विभाग के आला अधिकारियों का मानना है कि स्कूलों की तरफ से जो आंकड़े विभाग के पोर्टल पर अपलोड किए गए हैं, वे गलत हो सकते हैं। इसके पीछे एक बड़ा कारण है अचानक से आंगनबाड़ी केन्द्रों के नामांकन में वृदिृध होना। हालांकि स्कूलों में अभी प्रवेशोत्सव चल रहा है और आंगनबाड़ियों में भी नए बच्चों का जुड़ाव हो रहा है।
प्रदेशभर के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों की 500 मीटर की परीधि में संचालित भवन विहीन और किराए पर चलने वाले आंगनबाड़ी केन्द्रों को विद्यालयों के साथ जोड़ा गया है। इनका प्रशासनिक नियंत्रण भी स्कूलों को ही दिया है। अब विभाग ने शाला दर्पण पोर्टल पर प्रदर्शित आंगनबाड़ी केन्द्रों के नामांकन की समीक्षा की तो विभाग नामांकन को देखकर चौंक गया। विभाग का मानना है कि संस्था प्रधानों ने आंगनबाड़ी केन्द्रों में नामांकन की सूचना गलत दर्शायी है।
राजस्थान प्रारंभिक शिक्षा परिषद ने आंगनबाड़ी केन्द्रों के इस नामांकन को सत्यता से परे माना है। परिषद के अतिरिक्त आयुक्त सुरेश चंद्र ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर भौतिक व प्रशासनिक रूप से आंगनबाड़ी केन्द्रों के नामांकन का प्रमाणीकरण करें। अब शिक्षा विभाग और महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी मिलकर इन आंगनबाड़ी केन्द्रों के बच्चों की सत्यता जांचेंगे। इसके बाद यह सूचना फिर से पोर्टल पर अपडेट की जाएगी।
स्कूल कैम्पस में चल रही आंगनबाड़ियों की पोर्टल पर ये बताई स्थिति
— प्रदेश के 14 हजार 339 आंगनबाड़ी केन्द्र चल रहे स्कूलों में
— स्कूलों ने आंगनबाड़ियों में बताया 3 लाख 55 हजार 220 का नामांकन
— हर जिले के स्कूलों में आंगनबाड़ी का औसतन नामांकन बताया
— जयपुर जिले के स्कूलों में चल रही 1244 आंगनबाड़ी
— जयपुर जिले की आंगनबाड़ियों का औसत है 18 बच्चों का नामांकन
— जयपुर में 22 हजार 881 बच्चों का आंगनबाड़ियों में बताया नामांकन