जयपुर

जयपुर में ‘अब सिर्फ एक नगर निगम…’ 150 वार्डों की सीमा हुई तय, परिसीमन पर लगी मुहर

नए नगर निगम जयपुर में कुल 150 वार्ड बनाए गए हैं। क्षेत्र की सीमा तय होने के बाद जनसंख्या की दृष्टि से वार्ड संख्या 31 सबसे छोटा, जिसकी जनसंख्या 13 हजार, 499 है। वहीं वार्ड संख्या 135 सबसे बड़ा वार्ड होगा, जिसकी जनसंख्या 32 हजार 272 है।
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Updated: 17 Sep 2025, 11:00 PM IST
CM Bhajanlal Sharma
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (फोटो-पत्रिका)

जयपुर। राज्य सरकार ने राजधानी की शहरी सरकार के वार्डों की सीमा तय कर दी है। ग्रेटर और हैरिटेज नगर निगम का परिसीमन करने के बाद नए नगर निगम जयपुर का प्रारूप फाइनल हो गया है। इसके साथ ही 150 वार्डों के परिसीमन पर मुहर लग गई है। अब संभवतः गुरुवार को अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। अधिसूचना जारी होने के बाद पार्षद बनने के लिए दौड़-भाग कर रहे नेताओं को नई जमीन तलाश करनी पड़ेगी।

स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक ने बुधवार को अधिसूचना से जुड़े पत्र पर हस्ताक्षर कर दिए। नए नगर निगम जयपुर में कुल 150 वार्ड बनाए गए हैं। क्षेत्र की सीमा तय होने के बाद जनसंख्या की दृष्टि से वार्ड संख्या 31 सबसे छोटा, जिसकी जनसंख्या 13 हजार, 499 है। वहीं वार्ड संख्या 135 सबसे बड़ा वार्ड होगा, जिसकी जनसंख्या 32 हजार 272 है।

गजट नोटिफिकेशन के लिए भेजा गया

राज्य सरकार ने 6 महीने पहले एक नोटिफिकेशन जारी कर हैरिटेज व ग्रेटर नगर निगम को एक कर दिया था। इसके बाद सरकार ने इसके परिसीमन पर काम करते हुए वार्डों का क्षेत्र निर्धारित करके लोगों से आपत्तियां मांगी थी। आपत्तियों का निपटारा करने के बाद अब परिसीमन प्रस्ताव को मंजूरी देकर गजट नोटिफिकेशन के लिए भेजा गया है।

यहां देखें पूरी अधिसूचनाः

आरक्षित वार्डों का निर्धारण जल्द

गजट नोटिफिकेशन होने के बाद जिला निर्वाचन शाखा की ओर से वार्डों का आरक्षण (एसटी, एससी वर्ग के लिए) निर्धारित किया जाएगा। जानकारों की मानें तो आरक्षण निर्धारण वार्ड में मौजूद जनसंख्या के आधार पर किया जाएगा। इसके बाद स्वायत्त शासन विभाग और जिला निर्वाचन विभाग की ओर से सभी वार्डों में ओबीसी वर्ग और महिला वार्ड के लिए आरक्षण लॉटरी निकाली जाएगी।

फिर से पार्षद बनने के लिए कर रहे थे मेहनत

दोनों नगर निगमों के वर्तमान पार्षद अपने वार्ड में फिर से पार्षद बनने के लिए मेहनत कर रहे हैं। कई पार्षद तो पिछले 4-5 साल से वार्डों में जुटे हुए हैं, लेकिन अब वार्डों की सीमा बदलने से उन्हें नया वार्ड तलाश करना पड़ेगा।

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17 Sep 2025, 11:00 PM IST
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