
भवनेश गुप्ता / जयपुर . जयपुर शहर में 8.50 लाख विद्युत उपभोक्ता मीटर रीडिंग लेने आने वाले डिस्कॉम कर्मचारी को उसी समय बिल राशि जमा करा सकेंगे। जयपुर डिस्कॉम ने एक दिसम्बर से इसे लागू करने की तैयारी की है। इसकी जिम्मेदारी फीडर इंचार्ज को दी जा रही है। जयपुर सिटी सर्किल में मीटर रीडर बिल राशि जमा करना शुरू कर देंगे। हालांकि, मौके पर ही बिल देने की व्यवस्था लागू होने में कुछ और समय लग सकता है। इसके लिए स्पॉट बिलिंग की हैंडल्ड डिवाइस में ही अलग से रसीद देने का भी विकल्प रखा गया है। जयपुर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक ने इससे पहले एक सितम्बर से जयपुर सिटी सर्किल में बिजली मित्र एप शुरू कराने के
निर्देश दिए हैं।
12 सर्किल में स्पॉट बिलिंग, जयपुर अब तक बाकी
स्पॉट बिलिंग (रीडिंग लेने के साथ ही बिल जारी करना) प्रक्रिया जयपुर डिस्कॉम के 13 में से 12 सर्किल में चल रही है। केवल जयपुर सिटी सर्किल में ही इसे अभी तक लागू नहीं कर पाए हैं। डिस्कॉम लागू करने का फिर से दावा कर रहा है। अभी तक जयपुर जिला वृत, दौसा, अलवर, करौली, भरतपुर, धौलपुर, सवाईमाधोपुर, टोंक, बूंदी, कोटा, बारां, झालावाड़ सर्किल में लागू है।
1.50 रुपए प्रति बिल प्रोत्साहन राशि..
मौके पर ही ज्यादा से ज्यादा बिल राशि जमा हो, इसके लिए मीटर रीडर को 1.50 रुपए प्रति बिल प्रोत्साहन राशि देने पर मंथन चल रहा है। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि मीटर रीडर रीडिंग लेने के साथ ही बिल राशि जमा करने में भी जागरुकता दिखाए।
आॅनलाइन रीडिंग फीड..
जयपुर डिस्कॉम के लिए नया स्पॉट बिलिंग सिस्टम तैयार किया जा रहा है। इसमें आॅनलाइन रीडिंग फीड करने की व्यवस्था होगी। मीटर रीडर व फीडर इंचार्ज के बिजली मीटर से 100 मीटर के दायरे में होने पर ऑनलाइन रीडिंग फीड होगी। एक फीडर इंचार्ज के पास रीडिंग लेने के साथ ही बिल जमा करने का जिम्मा भी होगा।
जवाब मांगते सवाल...
—जयपुर सिटी सर्किल में ही 7 डिविजन हैं, इनमें से आधे में तो रीडिंग लेने का काम ठेके पर दिया हुआ है। ऐसे में बिल राशि जमा करने का काम उनके हाथ कैसे सौंप देंगे। खुद अफसर भी इसी असमंजस में हैं।
—ज्यादातर घर, दुकान, प्रतिष्ठानों में मीटर रीडिंग लेने वाले का पता ही नहीं लगता कि कब रीडिंग लेकर चला जाता है। ऐसे में इसकी पुख्ता व्यवस्था नहीं की वह हर घर, प्रतिष्ठान के भीतर पहुंचकर संपर्क करें ही।
—एकबारगी मान भी लें कि डेढ़ रुपए प्रोत्साहन राशि दी जा रही है, लेकिन इसमें भी रीडर को घर—प्रतिष्ठान के भीतर जाना ही होगा। पहले रीडिंग लेने और हर बिल जमा करने में लम्बा समय लेगा। इस लम्बी प्रक्रिया का समय करने का मैकेनिज्म का खुलासा नहीं।
फैक्ट फाइल
—8.50 लाख विद्युत उपभोक्ता हैं शहर में
—12.75 लाख रुपए देनी होगी प्रोत्साहन राशि (घर पर ही बिल जमा करने पर)
—7 डिविजन में बांटा है सिटी सर्किल को
—400 करोड़ रुपए बिल राशि के पेटे मिल रहा राजस्व प्रति माह
—मीटर रीडिंग के साथ ही बिल राशि जमा करने की व्यवस्था एक दिसम्बर से लागू कर रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं को बड़ी सहुलियत हो जाएगी। यह सुनिश्चित करेंगे कि रीडिंग लेने वाला हर घर में बिल जाम कराने के लिए पूछे। सितम्बर से बिजली मित्र एप शुरू हो जाएगा।
—आर.जी. गुप्ता, अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, जयपुर डिस्कॉम