जयपुर

OMR Sheet Scam: लाखों रुपए लेकर बढ़ाए नंबर, माइनस 6 से सीधे आए 259 अंक; 38 अभ्यर्थियों के नाम आए सामने

Rajasthan OMR Sheet Scam: राजस्थान में सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के साथ बड़े स्तर पर धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है।

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Jan 21, 2026
एसओजी की गिरफ्त में फर्जीवाड़े के पांचों आरोपी। फोटो: पत्रिका

जयपुर। राजस्थान में सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के साथ बड़े स्तर पर धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। सुपरवाइजर (महिला अधिकारिता) सीधी भर्ती परीक्षा-2018, प्रयोगशाला सहायक भर्ती परीक्षा-2018 और कृषि पर्यवेक्षक भर्ती परीक्षा-2018 में लाखों रुपए लेकर ओएमआर शीट्स और अंकों में हेरफेर कर अयोग्य अभ्यर्थियों को चयनित कराया गया। स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) ने इस मामले में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के तत्कालीन तकनीकी प्रमुख सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने परीक्षाओं के परिणाम तैयार करने के दौरान ओएमआर शीट्स की स्कैनिंग और डाटा प्रोसेसिंग के बाद कंप्यूटर सिस्टम में छेड़छाड़ की। इसके जरिए चुनिंदा अभ्यर्थियों के अंक फर्जी तरीके से बढ़ाए गए, जिससे अयोग्य अभ्यर्थी चयनित हो गए। अब तक 38 अभ्यर्थियों के नाम सामने आए हैं, जिनसे पूछताछ की जाएगी। इनमें से कई अभ्यर्थियों को नौकरी भी मिल चुकी है।

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आउटसोर्स फर्म से मिलीभगत कर किया फर्जीवाड़ा

तीनों भर्तियों की परीक्षाएं वर्ष 2019 में आयोजित हुई थीं। परिणाम तैयार करने के लिए ओएमआर शीट्स की स्कैनिंग एवं डाटा प्रोसेसिंग का गोपनीय कार्य आउटसोर्स फर्म राभव लिमिटेड (नई दिल्ली) को सौंपा गया था। जांच में सामने आया कि फर्म के कार्मिकों ने बोर्ड के तकनीकी अधिकारियों से मिलीभगत कर ओएमआर शीट्स की स्कैनिंग के बाद डिजिटल डाटा में हेरफेर किया। कई मामलों में ओएमआर शीट्स की स्कैन कॉपी में फोटोशॉप के जरिए सही उत्तर भर दिए गए, जिससे वास्तविक अंकों को कई गुना बढ़ाकर दर्शाया गया।

बोर्ड के तकनीकी प्रमुख की रिश्तेदार महिला अभ्यर्थी गिरफ्तार

अनुसंधान में सामने आया कि बोर्ड में पदस्थ संजय माथुर ओएमआर स्कैनिंग और परिणाम प्रक्रिया का प्रभारी था। उसने अपने सहयोगी कर्मचारी प्रवीण गंगवाल और आउटसोर्स फर्म के कार्मिकों के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचा और परिचित अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाया। गिरफ्तार महिला अभ्यर्थी पूनम माथुर भी इस षड्यंत्र में शामिल पाई गई, जो संजय माथुर की रिश्तेदार है। पूनम के 63 अंक थे, जिन्हें बढ़ाकर 185 दर्शाया गया, हालांकि उसका अंतिम चयन नहीं हो पाया।

जांच समिति में भी घुसपैठ, सच्चाई दबाने की कोशिश

डीआइजी परिस देशमुख ने बताया कि फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद चयन बोर्ड की प्रशासनिक जांच समिति में भी संजय माथुर और प्रवीण गंगवाल को ही सदस्य बना दिया गया। इससे जांच को प्रभावित करने और साक्ष्य दबाने का प्रयास किया गया। चयन बोर्ड के गठन से लेकर अब तक संजय माथुर यहां कार्यरत है। एसओजी अब उसके कार्यकाल में हुई अन्य भर्तियों की भी गहन जांच कर रही है।

2019 परीक्षा वर्ष

3 भर्तियां: सुपरवाइजर (महिला अधिकारिता), प्रयोगशाला सहायक, कृषि पर्यवेक्षक
कुल पद: 3212
आवेदनकर्ता अभ्यर्थी: 9,40,038
संदिग्ध अभ्यर्थी: 38
गिरफ्तार आरोपी: 5

इनको किया गिरफ्तार

शादान खान: प्रतिनिधि, आउटसोर्स फर्म राभव लिमिटेड, नई दिल्ली
विनोद कुमार गौड़: प्रतिनिधि, आउटसोर्स फर्म राभव लिमिटेड, नई दिल्ली
पूनम माथुर: अभ्यर्थी
संजय माथुर: तत्कालीन उप निदेशक (सिस्टम एनालिस्ट), राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड, जयपुर
प्रवीण गंगवाल: प्रोग्रामर, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड, जयपुर

कितने नंबर बढ़ाए

क्रम संख्यामूल नंबर (अंक)बढ़ाए गए नंबर (अंक)
1-6259
22206
39259
411159
512259
614206
716248
817245
918241
1019190

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