प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह ने कहा विधायक और मंत्रियों के सामूहिक इस्तीफे के बाद गहलोत सरकार को नैतिकता के आधार पर सरकार में रहने का हक नहीं है।
जयपुर. राजस्थान कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर चले थे सियासी घटनाक्रम पर प्रदेश भाजपा के प्रभारी अरुण सिंह ने भी हमला बोला है। प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह ने कहा विधायक और मंत्रियों के सामूहिक इस्तीफे के बाद गहलोत सरकार को नैतिकता के आधार पर सरकार में रहने का हक नहीं है।अरुण सिंह ने आज भाजपा कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि जब मंत्रियों- विधायकों का सामूहिक इस्तीफा हो जाता है तो फिर सरकार का अस्तित्व नहीं रहता हैं। विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी को भी मंत्री और विधायकों के इस्तीफे स्वीकार करने चाहिए, अरुण सिंह ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि इस्तीफा देने के बाद आखिर किस अधिकार से मंत्री और विधायक सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं। यह राजस्थान की जनता के साथ बहुत बड़ा धोखा है और आने वाले विधानसभा चुनाव में जनता इन्हें सबक सिखाएगी।
दोषारोपण की राजनीति करते हैं मुख्यमंत्री
अरुण सिंह ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत हर काम में केवल दोषारोपण की राजनीति करते हैं और विपक्ष के नेताओं पर दोष मंढते हैं। उन्होंने 4 साल में दोषारोपण के अलावा और कोई काम नहीं किया। राजस्थान की जनता इनसे बहुत नाराज है और आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को सबक सिखाएगी।
जेपी नड्डा के दौरे से होगा पार्टी को फायदा
इधर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के 20 और 21 अक्टूबर को कोटा संभाग के दौरे को लेकर अरुण सिंह ने कहा कि उनका दौरा ऐतिहासिक होगा उनके दौरे को लेकर तैयारियां चल रही हैं। जेपी नड्डा के दौरे से पार्टी के कार्यकर्ताओं में भी नए जोश का संचार होगा और आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी का परचम लहराएगा।