जयपुर

GST को होने जा रहा है एक साल, देश के हर आदमी के लिए बेहद जरूरी है ये खबर, पढ़ें जीएसटी के बारे में ये खास रिपोर्ट

GST को होने जा रहा है एक साल, देश के हर आदमी के लिए बेहद जरूरी है ये खबर, पढ़ें जीएसटी के बारे में ये खास रिपोर्ट

2 min read
Jun 29, 2018
GST

जयपुर।

मोदी सरकार के बड़े फैसल और भारत को एक बाजार में बदलने वाले वन नेशन वन टैक्स यानी वस्तु एवं सेवा कर (GST) को 1 जुलाई को एक साल पूरा होने जा रहा है। लेकिन अभी रक भी जीएसटी को लेकर कई तरह के कंफ्यूजन भी हैं। जीएसटी ने जहां एक ओर पूरी अप्रत्यक्ष कर प्रणाली को एक प्लेटफॉर्म पर लाने का काम किया, जहां जीएसटी ने कारोबारियों और बड़े व्यापारियों को एक ऐसा पारदर्शी प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया, जिसने उनकी मुश्किलों को कम किया वहीं कुछ छोटे कारोबारियों और दुकानदारों के लिए इसे समझना अभी तक ही मुश्किल हो रहा है।

ये भी पढ़ें

हीरा उद्यमी के नौ ठिकानों पर छापा, करोड़ों की ज्वैलरी जब्त

हालांकि जीएसटी को लागू हुए 1 जुलाई को एक साल होगा। लेकिन वित्त विशेषज्ञों का मानना है कि जीएसटी भारत के भविष्य के लिए अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाला साबित होगा। बीते एक साल में जीएसटी का सफर काफी उतार-चढ़ाव से भरपूर रहा। नए टैक्स सिस्टम को लेकर कई तरह की मुश्किलें भी खुल कर सामने आई हैं। जिनका लोगों को सामना करना पड़ा है और इसी के चलते ही इसमें कई सारे अहम बदलाव भी हुए हैं। लेकिन फिर भी अभी तक बहुत से कारोबारी ऐसे हैं जो GST RULES कम ही समझ पाएं है। आइए आपको बताते हैं जीएसटी की पूरी प्रक्रिया।


जानें, जीएसटी के रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया

जीएसटी में रजिस्ट्रेशन के लिए सरकार के द्वारा बनाई गई आधिकारिक वेबसाइट है पर जाकर रजिस्टर्ड करवा सकते है। सरकार की इस gst.gov.in वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। रजिस्ट्रेशन के लिए GST portal पर लॉग-इन करना होगा और इस पर अपने प्रविजनल आईडी-पासवर्ड डालना होगा। लॉग इन करते ही एनरॉलमेंट ऐप्लिकेशन पेज पर जाएंगे, जहां अलग-अलग जानकारियां देनी होगी। जैसे बिजनेस डिटेल्स, कारोबार का मुख्य स्थान, कारोबार का अतिरिक्त स्थान, सामान और सेवाएं, अथॉराइज्ड सिग्नेटरी, प्रमोटर या पार्टनर, बैंक अकाउंट। फिर डिजिटल सिग्नेचर का पेज खुलेगा, जिसे सबमिट करने के बाद आपको ऐप्लिकेशन रेफरेंस नंबर जिसे ARN कहते है मिल जाएगा।


आइए जानते हैं जीएसटी के दायरे में आने वाली कुछ वस्तुओं के बारे में।

शून्य दरें

जूट, ताजा मांस, दूध, मक्खन दूध, प्राकृतिक शहद, ताजे फल और सब्जियां इत्यादि जैसी वस्तुओं पर कोई कर लगाया नहीं जाएगा। साथ ही 1000 रुपए से नीचे टैरिफ वाले होटल और लॉज सेवाओं को जीएसटी के तहत छूट दी गई है।


5% दर वाली वस्तु और सेवाएं

पैक खाद्य पदार्थ, 500 रुपए से नीचे जूते, क्रीम, पैक्ड पनीर, पैक्ड सब्जियां, पिज्जा रोटी, रस्क, केरोसिन, कोयले, दवाएं, रेलवे, हवाई परिवहन की सेवाएं आदि 5 प्रतिशत GST के दायरे में आते हैं।

12% दर वाली वस्तु और सेवाएं

ब्रांडेड कपड़े, 1000 रुपए से ऊपर के कपड़े, पैक्ड मांस, मक्खन, घी, आयुर्वेदिक दवा, दंत पाउडर, फोन, नॉन एसी होटल, बिजनेस क्लास एयर टिकट, उर्वरक, इत्यादि।


18% दर वाली वस्तु और सेवाएं

बिस्कुट, पास्ता, बिडी, कॉर्नफ्लेक्स, जेम्स, खाद्य मिश्रण, खनिज, लिफाफे, टैम्पन, नोट बुक, स्टील उत्पाद, कैमरा, स्पीकर 500 रुपए से अधिक की कीमत वाले जूते, एसी होटल, दूरसंचार सेवाएं।


28% दर वाली वस्तु और सेवाएं

चॉकलेट कोको, वफ़ल, पैन मसाला, बिडिस, च्यूइंग गम, गुड़, पेंट्स, डिओडोरेंट्स, डाई, सनस्क्रीन, वजन मशीन, शेविंग क्रीम, हेयर शैम्पू, वॉशिंग मशीन, एटीएम, वैक्यूम क्लीनर, ऑटोमोबाइल, मोटरसाइकिल, 5 स्टार होटल, सिनेमा इत्यादि 28 प्रतिशत के दायरे में आते हैं।

Updated on:
29 Jun 2018 01:27 am
Published on:
29 Jun 2018 01:24 am
Also Read
View All