6 नवंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

हीरा उद्यमी के नौ ठिकानों पर छापा, करोड़ों की ज्वैलरी जब्त

सूरत और मुंबई में आयकर विभाग की कार्रवाई
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

सूरत

•

image

Pradeep Devmani Mishra

•

Updated: 28 Jun 2018, 9:34 PM IST

file

हीरा उद्यमी के नौ ठिकानों पर छापा, करोड़ों की ज्वैलरी जब्त

सूरत.

सूरत आयकर विभाग की डीआई विंग ने गुरुवार को सूरत के हीरा उद्यमी के सूरत और मुंबई में कारखाने तथा निवास सहित ९ स्थानों पर छापा मारा। अब तक दस बैंक लॉकर, 15 बैंक अकाउंट और करोड़ों रुपए की ज्वैलरी जब्त की गई है। तमाम स्थानों पर कार्रवाई देर रात जारी रही।
आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार कतारगाम में डायमंड कट पॉलिश्ड का काम करने वाले तीन भागीदारों की यूनिट पर विभाग ने गुरुवार सुबह कार्रवाई शुरू की। कतारगाम में इनके कारखाने, वराछा के घर, मुंबई के भारत डायमंड बूर्स में ऑफिस और निवास स्थान पर जांच की गई। 30 अधिकारियों के साथ शुरू की गई कार्रवाई में विभाग खरीद-बिक्री के आंकड़े तथा निवेश संबंधी दस्तावेजों की जांच कर रहा है। बताया जा रहा है कि विभाग को संचालकों पर कम कीमत के हीरे ज्यादा कीमत में खरीदकर हवाला के रुपए घुमाने का शक है। इस दिशा में भी जांच हो रही है।
भनक नहीं लगने दी
आयकर विभाग ने छापे की तैयारियों को गोपनीय रखा। आयकर इंस्पेक्टर्स को बुधवार रात ही वड़ोदरा भेज दिया गया। कुछ देर वहां रोकने के बाद उन्हें सूरत लाया गया। सूरत के साथ मुंबई के कुछ स्टाफ का सहयोग लिया गया। आयकर अधिकारियों का मानना है कि इस सर्च में बड़े पैमाने पर बेनामी आय के खुलासे के आसार हैं।
øøø

रफ हीरों का आयात घटा, सरकार की आय बढ़ी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में हीरों की मांग घटने के कारण सूरत के हीरा बूर्स में भी वित्तीय वर्ष 2018-19 के दो महीनों में हीरों के आयात में भारी कमी आई है। हालांकि रफ हीरों पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढऩे से सरकार की आय बढ़ी है।
सूत्रों के अनुसार पिछले वित्तीय वर्ष 2017-18 में 35726.95 करोड़ रुपए के रफ हीरों का आयात हुआ था। अप्रेल और मई में 11387.31 करोड़ रुपए के हीरे आयात किए गए थे, जबकि चालू वित्तीय वर्ष के पिछले दो महीनो में 6324.07 करोड़ रुपए के हीरो का आयात हुआ। पिछले साल दो महीने में सरकार को 6.68 करोड़ रुपए की आय हुई थी, जबकि इस साल आयात कम होने के बावजूद 9.14 करोड़ रुपए की आय हुई। बताया जा रहा है कि आयात कम होने के बावजूद आय बढऩे के पीछे जीएसटी है। पहले रफ हीरों पर टैक्स नहीं था, जो बाद में तीन प्रतिशत और फिर 0.25 प्रतिशत कर दिया गया। सूरत के हीरा बूर्स के डिप्टी कमिश्नर घनश्याम सोनी ने बताया कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण आयात में कुछ कमी आई है।