जयपुर

ऑपरेशन सिंदूर के बाद बदला सेना का युद्धाभ्यास पैटर्न, राजस्थान में बॉर्डर पर बढ़ी सैन्य ताकत ने उड़ाई दुश्मन की नींद

ऑपरेशन सिंदूर के बाद राजस्थान का पश्चिमी सीमावर्ती इलाका पोकरण, जैसलमेर, जोधपुर और बीकानेर, भारतीय सेना और वायुसेना की गतिविधियों का मुख्य और सबसे रणनीतिक केंद्र बन चुका है।
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Oct 05, 2026
indian army
सेना का युद्धाभ्यास। पत्रिका फाइल फोटो

देवेंद्र सिंह राठौड़

जयपुर। ऑपरेशन सिंदूर के बाद राजस्थान का पश्चिमी सीमावर्ती इलाका पोकरण, जैसलमेर, जोधपुर और बीकानेर, भारतीय सेना और वायुसेना की गतिविधियों का मुख्य और सबसे रणनीतिक केंद्र बन चुका है। इस बड़े सैन्य अभियान के बाद दुनिया के तमाम ताकतवर देशों को भारत की सैन्य ताकत और मारक क्षमता का एहसास सास हुआ है। यही वजह है कि अब पश्चिमी सीमा पर पारंपरिक युद्ध अभ्यासों का दायरा तेजी से बदला है।

वर्तमान में जोधपुर एयरबेस पर चल रहा बहुराष्ट्रीय अभ्यास 'तरंग शक्ति-26' और इसमें अमरीकी वायुसेना की ओर से अपने अत्याधुनिक एफ-35 लड़ाकू विमानों के साथ भारतीय वायुसेना के बेड़े के साथ मिलकर युद्ध कौशल दिखाना इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण है। राजस्थान का थार अब केवल रेगिस्तानी अभ्यास क्षेत्र नहीं, बल्कि वैश्विक रक्षा सहयोग और आधुनिक युद्ध तकनीक की प्रमुख प्रयोगशाला बन चुका है, जिसने पाकिस्तान सहित दुश्मन देशों की नींद उड़ा दी है।

रणनीतिक और रक्षात्मक कारण

महाजन और पोकरण जैसी विशाल फील्ड फायरिंग रेंज में ड्रोन, स्वार्म तकनीक, काउंटर यूएएस और एयर डिफेंस प्रणालियों का लगातार परीक्षण हो रहा है। इसके पीछे मुख्य उद्देश्य चीन और पाकिस्तान की बढ़ती धुरंधर रणनीतिक जुगलबंदी का मुंहतोड़ जवाब देना
और किसी भी दोतरफा मोर्चे की चुनौती से निपटने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों को पूरी तरह 'वॉर रेडी' रखना है। अमरीका, जापान और फ्रांस जैसे देश भारत की सामरिक स्थिति और वास्तविक युद्ध परिस्थितियों में काम करने की क्षमता का लोहा मान चुके हैं।

वैश्विक, व्यापारिक और आर्थिक आयाम

भारत आज दुनिया का एक बड़ा रक्षा आयातक होने के साथ-साथ 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' के तहत एक उभरता हुआ रक्षा निर्यातक भी बन चुका है। 'ड्रोनैथॉन-2026' जैसे आयोजनों में देश की डिफेंस कंपनियों, स्टार्ट-अप्स और एमएसएमई की भागीदारी ने वैश्विक ताकतों का ध्यान खींचा है। अमरीका, जापान और यूरोपीय देश भारत के साथ रक्षा तकनीक साझा करने, जॉइंट वेंचर्स स्थापित करने और रक्षा गलियारों में निवेश करने के लिए भारी रुचि दिखा रहे हैं।

राजस्थान में भारत के साथ अन्य देशों के युद्धाभ्यास

तरंग शक्तिः पहला संस्करण 2024, दूसरा प्रमुख चरण 2026 में जोधपुर में आयोजित।
युद्ध अभ्यासः 2026 संस्करण (युद्ध अभ्यास-26) महाजन फील्ड फायरिंग रेंज और औली में आयोजित।
वीर गार्जियनः भारत-जापान के बीच द्विवार्षिक अभ्यास, पहला संस्करण 2023 में, प्रमुख संस्करण 2026 जोधपुर में संपन्न।
डेजर्ट नाइटः भारत, फ्रांस और यूएई के बीच 2021 में आयोजित, हुआ था, जिसमें 4 2024 और 2026 के चरण महत्वपूर्ण रहे।
गरुड़/शक्तिः भारत-फ्रांस के बीच द्विवार्षिक वायुसेना अभ्यास, गरुड़ वीआइआइ 2022 में जोधपुर में हुआ था।
शक्ति (थल सेना अभ्यास): भारत और फ्रांस के बीच नियमित द्विवार्षिक अभ्यास, शक्ति-2024 फ्रांस में आयोजित हुआ था।

Updated on:
05 Oct 2026 02:12 pm
Published on:
05 Oct 2026 02:12 pm