
Paper Leak Mastermind Suresh Dhaka: राजस्थान के बहुचर्चित पेपर लीक मामलों के मुख्य आरोपी और लंबे समय से फरार चल रहे सुरेश ढाका से जुड़े बजरी खनन ठिकाने पर खान विभाग की टीम ने गुरुवार को कार्रवाई की। ब्यावर जिले की रायपुर तहसील के मेसिया गांव में संचालित इस विवादित बजरी खनन लीज पर नियमों की धज्जियां उड़ने की गंभीर शिकायतें मिलने के बाद खान विभाग की विजिलेंस और स्थानीय टीम ने यह बड़ा एक्शन लिया है।
बता दें कि जैतारण के सहायक खान अभियंता के नेतृत्व में विभाग की टीम ने जब इस माइनिंग साइट का औचक निरीक्षण किया, तो वहां नियमों के उल्लंघन और गंभीर वित्तीय एवं पर्यावरणीय अनियमितताओं की लंबी फेहरिस्त सामने आई। जांच में गड़बड़ियां मिलने के बाद खान विभाग की टीम ने जैतारण में ही संबंधित कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, यदि कंपनी द्वारा तय समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो इस 20 करोड़ रुपए की भारी-भरकम बजरी लीज को पूरी तरह से निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
खान विभाग की टीम द्वारा मेसिया गांव में किए गए जमीनी निरीक्षण के दौरान जो खामियां मिली हैं, उन्होंने माइनिंग माफियाओं और विभाग के पुराने नियमों के क्रियान्वयन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। निरीक्षण के दौरान 5 अलग-अलग स्थानों पर बजरी खनन के बड़े-बड़े पिट (गड्ढों) में पानी भरा हुआ पाया गया, जो सुरक्षा मानकों का सीधा उल्लंघन है।
नियमों के मुताबिक, किसी भी खनन क्षेत्र की सीमाओं को स्पष्ट करने के लिए वैध सीमा स्तंभ लगे होने अनिवार्य हैं। लेकिन इस पूरी लीज पर नियमानुसार एक भी सीमा स्तंभ लगा हुआ नहीं पाया गया, जिससे स्पष्ट होता है कि लीज क्षेत्र से बाहर जाकर भी अवैध माइनिंग की आशंका है।
पर्यावरण और नदी तंत्र को बचाने के लिए बजरी खनन की अधिकतम गहराई केवल डेढ़ (1.5) मीटर ही अनुमत की गई थी। लेकिन इस साइट पर तय सीमा से काफी अधिक गहराई तक जाकर बजरी का अवैध दोहन किया गया है। जब खान विभाग की टीम ने मौके पर माइनिंग एरिया और स्टॉक की तकनीकी गणना की, तो पाया गया कि वहां से कुल 89,014 टन बजरी नियमों को ताक पर रखकर निकाली जा चुकी थी।
यह पूरी बजरी लीज पिछले कुछ समय से राजस्थान की राजनीति और पुलिस महकमे में जबरदस्त सुर्खियों में बनी हुई है। दरअसल, वर्ष 2024 में इस बजरी खनन के लिए ई-टेंडर जारी किया गया था। इसमें वरिष्ठ अध्यापक भर्ती और सब-इंस्पेक्टर सहित करीब 10 भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक के मुख्य आरोपी सुरेश ढाका के पिता मांगीलाल ढाका की फर्म 'ढाका कंस्ट्रक्शन' ने करीब 20 करोड़ रुपए की सबसे ऊंची बोली लगाकर यह ठेका हासिल किया था। दिसंबर 2025 में इस लीज को 5 साल के लिए माइनिंग की अंतिम मंजूरी मिली और करीब दो महीने पहले ही यहां धड़ल्ले से खनन का काम शुरू हुआ था।
राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप पहले से ही इस मामले की जांच कर रही है। SOG को पुख्ता अंदेशा है कि पिछले चार साल से फरार चल रहे मास्टरमाइंड सुरेश ढाका ने पेपर लीक और विदेश से संचालित होने वाले अवैध हवाला कारोबार के जरिए जो काली कमाई की थी, उसी करोड़ों रुपए के काले धन को सफेद करने के लिए इस बजरी ठेके में निवेश किया गया है।
स्थानीय मेसिया और आसपास के करीब 10 गांवों के ग्रामीण इस माइनिंग प्रोजेक्ट की शुरुआत से ही पर्यावरण और जल स्रोतों को होने वाले नुकसान का हवाला देकर इसका उग्र विरोध कर रहे थे। ग्रामीणों के भारी विरोध के बावजूद इस फर्म को लीज जारी कर दी गई थी। अब जबकि आज खान विभाग ने खुद मौके पर जाकर इतनी बड़ी अनियमितताएं पकड़ी हैं, तो आरोपी खेमे में हड़कंप मच गया है।
जैतारण में जारी किए गए इस नोटिस के बाद फर्म के पास अब अपनी बेगुनाही साबित करने का बहुत कम समय बचा है। खान विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि नियमों का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जवाब संतोषजनक नहीं होने पर लीज कैंसिलेशन की फाइल तुरंत प्रभाव से आगे बढ़ा दी जाएगी।