Patrika Janprahari Abhiyan: जनप्रहरी अभियान से युवा, महिलाएं, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षक, वकील, व्यापारी और विभिन्न क्षेत्रों से लोग जुड़े हैं। 2018 में अभियान की शुरूआत से अब तक 55 हजार से अधिक लोग आवेदन कर चुके हैं।
Janprahari Abhiyan जयपुर। नगर निकाय और पंचायत की राजनीति को सेवा, पारदर्शिता और जवाबदेही से जोड़ने वाले पत्रिका के जनप्रहरी अभियान से अगर आप नहीं जुड़े हैं तो आज ही जुड़ जाएं। प्रदेशभर में जनप्रहरी अभियान को जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। लोग गांव और शहरों की राजनीति में सकारात्मक बदलाव और सक्रिय भूमिका निभाने को तैयार हैं। पिछले दो दिन में हजारों लोगों ने पत्रिका ऐप के माध्यम से जनप्रहरी बनने के लिए आवेदन किया है।
इस अभियान से युवा, महिलाएं, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षक, वकील, व्यापारी और विभिन्न क्षेत्रों से लोग जुड़े हैं। 2018 में अभियान की शुरूआत से अब तक 55 हजार से अधिक लोग आवेदन कर चुके हैं और सैंकड़ों जनप्रहरी चुनाव जीतकर सरपंच, जिला प्रमुख, प्रधान, जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और कई राजस्थान व मध्यप्रदेश में विधायक बन चुके हैं। 2023 तक 456 जनप्रहरी चुनाव मैदान में उतरे और इनमें 167 चुनाव जीते।
राजस्थान व मध्यप्रदेश में 2018 एवं 2023 के विधानसभा चुनाव में 156 जनप्रहरी ने विधायक का चुनाव लड़ा और 32 विधायक बने। अभियान का उद्देश्य ऐसे ही जागरूक, ईमानदार और ज़मीनी स्तर पर काम करने वाले नागरिकों को आगे लाना है, जो सत्ता को सेवा का माध्यम मानते हैं। पंचायत, नगर निकाय और स्थानीय स्तर पर नेतृत्व को मजबूत करने की दिशा में यह अभियान एक प्रभावशाली मंच बनकर उभरा है।
जनप्रहरी अभियान में 62 फीसदी युवाओं की भागीदारी है। बड़ी संख्या में 40 वर्ष तक के युवाओं ने इस अभियान से जुड़कर यह संदेश दिया है कि वे केवल मतदान तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि नीति-निर्माण, जनसमस्याओं और स्थानीय विकास में सीधी भागीदारी चाहते हैं।