जयपुर

पत्रिका प्री-बजट संवाद में वक्ता बोले… ‘मेट्रो विस्तार, नो-पार्किंग जोन, पब्लिक ट्रांसपोर्ट मजबूत करने और आधारभूत सुविधाओं की जरुरत’

ट्रैफिक, प्रदूषण और स्मार्ट मोबिलिटी पर हुई चर्चा

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Feb 07, 2026

जयपुर. शहर में बढ़ते ट्रैफिक जाम और प्रदूषण, बिगड़ती पार्किंग व्यवस्था और असंतुलित शहरी विकास के समाधान को लेकर अब आमजन की उम्मीद बजट से जुड़ गई है। झालाना स्थित पत्रिका कार्यालय में शुक्रवार को प्री-बजट संवाद का आयोजन किया गया। चर्चा में विषय विशेषज्ञों, व्यापारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विद्यार्थियों ने खुलकर अपनी बात रखी। सभी का फोकस उक्त मुद्दों पर शहर को राहत देने पर रहा। साथ ही वक्ताओं ने कहा कि बजट में समयबद्ध तरीके से स्पष्ट योजनाओं का ऐलान हो और उन्हें धरातल पर उतारा जाए।

—शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए मेट्रो का विस्तार ट्रांसपोर्ट नगर से कूकस तक किया जाना बेहद जरूरी है। इससे शहर के बड़े हिस्सों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, निजी वाहनों पर निर्भरता घटेगी, जाम कम होगा और प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।
—रईस खान, एडवोकेट

—शहर की सड़कें तो पर्याप्त हैं, लेकिन पार्किंग की व्यवस्था ठीक नहीं है। हालात यह हैं कि 6 लेन की सड़क 2 लेन की भी नहीं बची है। पार्किंग व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। एलिवेटेड और फ्लाईओवर कितने भी बना लें, लेकिन ट्रैफिक को ठीक से हैंडल करना होगा। मुख्य सड़क जो शहर को जोड़ती हैं, इन पर विशेष तौर पर ध्यान देना चाहिए। मेट्रो और बसों की संख्या बढ़ाने की जरुरत है।
—बी. डी. शर्मा, सेवानिवृत अतिरिक्त मुख्य अभियंता

—परकोटा क्षेत्र में ट्रैफिक और आधारभूत ढांचे की स्थिति लगातार बिगड़ रही है, जबकि यही इलाका शहर की पहचान और पर्यटन का मुख्य केंद्र है। यहां जाम, अव्यवस्थित पार्किंग और प्रदूषण पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है, ताकि पर्यटकों और स्थानीय लोगों दोनों को राहत मिल सके।
—मनीष सोनी, अध्यक्ष, तालकटोरा एवं कदम्ब कुंड विकास समिति

—शहर के प्रमुख चौराहों से अतिक्रमण हटाना जरूरी है, ताकि यातायात सुचारु हो सके। शहर के एंट्री प्वाइंट्स को भी बेहतर विकसित किया जाए, जिससे सैलानियों पर सकारात्मक प्रभाव पड़े। पर्यावरण जागरूकता के लिए विशेष अभियान चलाए जाएं और शहर में वायु गुणवत्ता सूचकांक की संख्या बढ़ाई जाए।
—अंशुल अग्रवाल, इंफ्रास्ट्रक्चर एक्सपर्ट

—शहर में मौजूदा प्रयासों के बावजूद ट्रैफिक दबाव बढ़ रहा है। वॉल सिटी को नो-पार्किंग जोन बनाया जाए, इसके अलावा सड़क किनारे पार्किंग खत्म करने के साथ-साथ रिंग रोड के काम को शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि जाम कम हो और सैलानियों को भी राहत मिले।
—एम. सादिक खान, अध्यक्ष, डॉ. जाकिर हुसैन सोशल एंड वेलफेयर सोसाइटी

—प्रदूषण का मुख्य स्रोत वाहन हैं। ऐसे में सार्वजनिक परिवहन सेवा को मजबूत किया जाना चाहिए। आम लोगों के लिए सीएनजी और इलेक्ट्रिक बसों को बढ़ावा देना जरूरी है, इसके लिए कोई बड़ी घोषणा होनी चाहिए। वहीं प्रमुख चौराहों को सिग्नल फ्री बनाकर यातायात सुगम किया जा सकता है।
—सत्यनारायण टिक्कीवाल, पूर्व मुख्य वैज्ञानिक अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण मंडल

—पुराना शहर जयपुर की पहचान है, जहां बड़ी संख्या में लोग घूमने आते हैं, लेकिन बाहरी इलाकों में अव्यवस्थित विकास और धीमी यातायात व्यवस्था से प्रदूषण बढ़ रहा है। यातायात अवरोध बिंदु खत्म कर स्लिप लेन विकसित की जानी चाहिए। अतिक्रमण हटाकर टीसीबी बैठकों के निर्णयों की सख्ती से पालना जरूरी है।
—ओम प्रकाश गुप्ता, पूर्व आयुक्त, नगर निगम

—अव्यवस्थित पार्किंग के कारण ग्राहक पुराने बाजार छोड़कर मॉल्स की ओर रुख कर रहे हैं। बजट में नई सड़कों के निर्माण की स्पष्ट घोषणाएं होनी चाहिए, वरना शहरवासियों की परेशानी बढ़ेगी। सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जाए तथा अतिक्रमण करने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
—राजेंद्र पटेल, व्यापारी

—बाजारों में पर्याप्त और व्यवस्थित पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए। साथ ही सार्वजनिक शौचालयों की कमी भी बड़ी समस्या है, इसलिए स्वच्छ और सुलभ शौचालय व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी है। आगामी बजट में इन मुद्दों पर सरकार को जरुर फोकस करना चाहिए।
—राम स्वरूप यादव, व्यापारी

—टोंक रोड को सिग्नल फ्री बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। शहर में यातायात दबाव कम करने के लिए मेट्रो विस्तार की स्पष्ट घोषणा जरूरी है। साथ ही सरकार को विभिन्न इलाकों में व्यवस्थित और पर्याप्त पार्किंग सुविधा विकसित करनी चाहिए। इसके लिए धरातल पर योजनाओं की जरुरत है।
—ओम प्रकाश शर्मा, व्यापारी

—शहर को समावेशी विकास की जरूरत है, क्योंकि अभी कई विभागों में आपसी सामंजस्य का अभाव नजर आता है। विकास योजनाओं में केवल वाहनों नहीं, बल्कि पैदल चलने वालों और साइकिल चालकों की सुविधा को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि यातायात व्यवस्था अधिक संतुलित और सुरक्षित बन सके।
—पवन पाटीदार, रोड से​फ्टी आॅडिटर

—आम आदमी को सस्ती और मजबूत सार्वजनिक परिवहन सेवा की जरुरत है। साथ ही पानी, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर खास ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि शहर का विकास सीधे लोगों के जीवन स्तर में सुधार ला सके। प्रदूषण कम करने के लिए हरियाली को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
—अमोलक बैरवा, विद्यार्थी

—हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार शहर में पैदल चलने वालों की सुरक्षा के लिए विशेष सुविधाएं विकसित की जानी चाहिए। प्रमुख सड़कों और चौराहों पर व्यवस्थित जेब्रा क्रॉसिंग बनाई जाएं, ताकि पदयात्री सुरक्षित रूप से सड़क पार कर सकें। आगामी बजट में इस संबं​ध में भी घोषणा होनी चाहिए।
—डॉ. प्रेरणा अरोड़ा, रोड सेफ्टी एक्सपर्ट

—बजट से हमारी अपेक्षा है कि सुरक्षित और सुलभ सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दी जाए। सड़क दुर्घटनाओं के बाद त्वरित और सशक्त मेडिकल रिस्पॉन्स सिस्टम विकसित किया जाए। साथ ही पुलिस और परिवहन विभाग के लिए इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को पूरे राज्य में प्रभावी रूप से लागू किया जाए।
— नेहा खुल्लर, ट्रैफिक विशेषज्ञ

Published on:
07 Feb 2026 09:18 pm
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