जयपुर

Crop Insurance: राजस्थान सरकार का बड़ा फैसला, योजना में बदलाव, अब आसान होगा फसल बीमा क्लेम

Farmer Welfare: दिवंगत किसानों के परिवारों को जल्द मिलेगी राहत। फसल बीमा योजना में बड़ा बदलाव, बिना कोर्ट चक्कर के मिलेगा बीमा दावा। राजस्थान सरकार का किसान हित में बड़ा फैसला।

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May 28, 2026
Photo AI

Crop Insurance Claim: जयपुर. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अब किसानों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। राज्य सरकार ने फसल बीमा दावों की प्रक्रिया को सरल बनाते हुए दिवंगत कृषकों के लंबित क्लेम का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश जारी किए हैं। कृषि विभाग के इस फैसले से हजारों किसान परिवारों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।

राज्य सरकार लगातार किसान हित में कार्य कर रही है और प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को मजबूत बनाया जा रहा है। बदलते मौसम, ओलावृष्टि, चक्रवाती बारिश और कटाई के बाद खेत में रखी फसल खराब होने जैसी परिस्थितियों में यह योजना किसानों के लिए सुरक्षा कवच साबित हो रही है।

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कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने बताया कि अब तक फसल बीमा योजना में बीमित किसान की मृत्यु होने पर उसके वारिसों को बीमा राशि प्राप्त करने के लिए न्यायालय से उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र लाना अनिवार्य था। यह प्रक्रिया काफी जटिल और समय लेने वाली थी। कई मामलों में क्लेम राशि कम होने के कारण किसान परिवार कानूनी प्रक्रिया में रुचि नहीं लेते थे, जिससे हजारों दावे लंबे समय से लंबित पड़े थे।

अब सरकार ने इस प्रक्रिया को सरल बनाते हुए बीमा कंपनियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। यदि राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल पर किसान ने किसी परिवार सदस्य को नामित किया है तो बीमा राशि सीधे उसी सदस्य को दी जाएगी। वहीं जिन मामलों में नामांकन उपलब्ध नहीं है, वहां तहसीलदार या पटवारी द्वारा जारी वारिसनामा, न्यायालय का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र अथवा परिवार के सभी सदस्यों की सहमति से अधिकृत किसी एक सदस्य को भुगतान किया जा सकेगा।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जहां पारिवारिक विवाद नहीं है, वहां उत्तराधिकार प्रमाण पत्र की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। यदि परिवार के सभी सदस्य 50 रुपए के नोटरी स्टाम्प पर शपथ पत्र देकर किसी एक सदस्य को अधिकृत करते हैं तो बीमा कंपनी सीधे उसके बैंक खाते में क्लेम राशि जमा करेगी।

फसल बीमा क्लेम के लिए अब मृत्यु प्रमाण पत्र, बैंक खाते की प्रति, आधार कार्ड और पारिवारिक सहमति शपथ पत्र जैसे दस्तावेज ही पर्याप्त माने जाएंगे। कृषि विभाग ने बीमा कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि दिवंगत किसानों के मामलों का मानवीय संवेदनशीलता के साथ प्राथमिकता से निस्तारण किया जाए ताकि प्रभावित परिवारों को जल्द आर्थिक सहायता मिल सके।

राज्य सरकार की इस पहल को कृषि मंत्रालय भारत सरकार ने भी सराहा है। माना जा रहा है कि इस फैसले से लंबे समय से लंबित हजारों फसल बीमा दावों का जल्द निस्तारण हो सकेगा और किसान परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।

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Updated on:
28 May 2026 07:43 pm
Published on:
28 May 2026 07:25 pm
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