PNG vs LPG: राजस्थान के 1.89 करोड़ एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए उनकी रसोई में फिलहाल पीएनजी जैसे सस्ते ईंधन की आस नेटवर्क कंपनियों की कछुआ चाल के कारण पूरी होती नहीं दिख रही।
PNG vs LPG: राजस्थान के 1.89 करोड़ एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए उनकी रसोई में फिलहाल पीएनजी जैसे सस्ते ईंधन की आस नेटवर्क कंपनियों की कछुआ चाल के कारण पूरी होती नहीं दिख रही। कंपनी ने 13 साल में जयपुर, अलवर और बारां में 8 लाख कनेक्शन जारी करने दावा किया था। इनमें से 6 लाख कनेक्शन अकेले जयपुर शहर में ही होने थे।
लेकिन अभी तक हाल यह है कि राजधानी में ही पाइप्ड गैस नेटवर्क बिछाने और रसोई तक पाइप के जरिये गैस पहुंचाने का प्रोजेक्ट लेने वाली टोरेंट कंपनी का काम ही धीमी गति से चल रहा है। पत्रिका पड़़ताल में सामने आया कि जयपुर में 52 हजार घरों के बाहर तक पीएनजी लाइन पहुंच चुकी है। लेकिन अब तक महज 15,800 कनेक्शन ही जारी हुए हैं।
प्रदेश में वर्तमान में टोरेंट कंपनी समेत अलग-अलग जिलों में पाइप्ड गैस परियोजनाओं पर 14 कंपनियां काम कर रही हैं। टोरेंट कंपनी की ओर से जयपुर, अलवर, बारां में अब तक महज 25 हजार कनेक्शन ही जारी हुए हैं।
कंपनियों ने कनेक्शन लेकर अपने-अपने लक्ष्य तय कर रखे हैं। लेकिन कहीं लाइन बिछाने को लेकर विवाद सामने आ रहे हैं तो कहीं निकायों से लाइन बिछाने की मंजूरी नहीं मिल रही। कालवाड से जयपुर शहर तक लाइन बिछाने को लेकर भी कई विवाद सामने आए और लंबे समय तक काम ठप रहा।
प्रदेश में पाइप्ड गैस नेटवर्क के विस्तार पर काम कर रही 14 कंपनियों के काम की मॉनिटरिंग का जिम्मा राजस्थान गैस लिमिटेड पर है। लेकिन पाइप्ड गैस कंपनियों के काम की कछुआ चाल पर राजस्थान गैस लिमिटेड के आला अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं।
कालवाड रोड, बिंदायका, सिरसी रोड, महाराणा प्रताप मार्ग, बजरी मंडी रोड, पांच्यावाला, वैशाली नगर गांधी पथ पश्चिम, झोटवाडा में बाल विहार, विद्याधर नगर सेक्टर 2, 5, 6, 7, सेंट्रल स्पाइन, पत्रकार कॉलोनी, जयसिंहपुरा, मानसरोवर सेक्टर-8 में 15800 कनेक्शन जारी हुए हैं। बीते 4 महीने में बनीपार्क, वैशाली नगर ऑफिसर कॉलोनी और जगतपुरा में महिला पनोरमा सोसायटी क्षेत्र में कनेक्शन जारी हुए हैं।