
Rajasthan Political Appointments: जयपुर। करीब 11 माह के अंतराल के बाद राज्य सरकार ने राजनीतिक और संवैधानिक नियुक्तियों का सिलसिला फिर शुरू किया है। आरपीएससी और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में नई नियुक्तियों के बाद बोर्डों, आयोगों और अकादमियों के रिक्त पदों पर भी नियुक्तियों की उम्मीद बढ़ गई है। भाजपा सरकार के ढाई साल पूरे होने के साथ ही राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और दावेदार नेताओं ने पैरवी का दौर भी बढ़ा दिया है।
राजस्थान सरकार इससे पहले नौ बोर्ड और आयोगों में नियुक्तियां कर चुकी है। इनमें अंतिम नियुक्ति 1 अगस्त, 2025 को अरुण चतुर्वेदी की राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष के रूप में हुई थी। अब आरपीएससी में प्रो. संतोष आनंद और डॉ. दीपक कुमार शर्मा को सदस्य तथा राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में हनुमान सिंह राठौड़ को अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद राजनीतिक नियुक्तियों की संख्या 12 तक पहुंच गई है।
प्रदेश में किसी भी दल की सरकार रही हो, बड़े स्तर पर राजनीतिक नियुक्तियों का सिलसिला आमतौर पर ढाई साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद ही गति पकड़ता है। भाजपा सरकार भी अब अपने कार्यकाल के ढाई वर्ष पूरे कर चुकी है। ऐसे में लंबे समय से रिक्त पड़े पदों पर नियुक्तियों की संभावनाएं बढ़ गई हैं।
प्रदेश में लोकायुक्त सहित नौ प्रमुख आयोगों और संस्थाओं के शीर्ष पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। पूर्व में कई आयोगों में लंबे समय तक नियुक्तियां नहीं होने पर हाईकोर्ट को भी हस्तक्षेप करना पड़ा था। इसके अलावा तीन ऐसे महत्वपूर्ण पद भी हैं, जिन पर पिछली कांग्रेस सरकार ने अध्यक्षों को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया था। इनमें बीस सूत्री कार्यक्रम एवं समन्वय समिति, राजस्थान खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड तथा राजस्थान स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बोर्ड शामिल हैं।
राज्य की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में बोर्ड-आयोगों व अकादमियों में 100 से अधिक राजनीतिक नियुक्तियां की गई थीं। इनमें 4 नेताओं को कैबिनेट मंत्री और 31 से अधिक को राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया था। इन पदों के अलावा कई को तो नियुक्तियां विधानसभा चुनाव से ठीक पहले दी गई थीं, जिससे कुछ तो चुनाव आचार संहिता लगने के चलते कार्यभार तक नहीं संभाल सके थे।
-राजस्थान धरोहर संरक्षण प्राधिकरण
-किसान आयोग
-राज्य जीव-जन्तु कल्याण बोर्ड
-सैनिक कल्याण सलाहकार समिति
-अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास आयोग
-देवनारायण बोर्ड
-श्रीयादे माटी कला बोर्ड
-विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड
-राज्य वित्त आयोग
-आरपीएससी
-राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड
हाल ही हुई नियुक्तियों को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने कहा है कि आरपीएससी और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में आरएसएस से जुड़े लोगों को जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी ने तंज कसते हुए कहा कि अब युवाओं को भर्ती परीक्षाओं से ज्यादा संघ प्रेरित चयन सूचियों की चिंता करनी चाहिए।