जयपुर

राजस्थान में सियासी ड्रामा: विधायक बोले- कोई दबाव नहीं 46% नहीं बदलना चाहते CM

राजस्थान पत्रिका ने हर संभाग में विधायकों से संपर्क कर उनके मन की बात जानने का प्रयास किया। हालांकि ऐसे विधायकों की संख्या भी कम नहीं है, जो या तो गोलमोल जवाब दे रहे हैं या जवाब देने से बच रहे हैं अथवा पकड़ से दूर रहे।
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Updated: 27 Sep 2022, 11:13 AM IST
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पत्रिका न्यूज नेटवर्क
जयपुर. कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर दो दिन से जारी सियासी ड्रामे पर पार्टी अपने विधायकों से संपर्क नहीं कर पा रही है। इस दूरी के वातावरण में राजस्थान पत्रिका ने हर संभाग में विधायकों से संपर्क कर उनके मन की बात जानने का प्रयास किया। हालांकि ऐसे विधायकों की संख्या भी कम नहीं है, जो या तो गोलमोल जवाब दे रहे हैं या जवाब देने से बच रहे हैं अथवा पकड़ से दूर रहे।

आइए जानें किस संभाग के विधायकों के मन में क्या चल रहा है....
निष्कर्ष यह है

- 56 प्रतिशत विधायक बोले, सीएमआर बुलाया....पहुंच गए धारीवाल के घर
- सभी संभागों से एक ही आवाज, किसी ने नहीं लगाई बोलने पर पाबंदी
- 54 प्रतिशत विधायकों ने कहा, स्वेच्छा से इस्तीफा दिया। एक चौथाई विधायकों ने इस्तीफा दिया ही नहीं
- 46 प्रतिशत विधायक चाहते हैं नहीं बदले सीएम। 22 प्रतिशत ने निर्णय आलाकमान पर छोड़ा।

कोटा- धारीवाल स्वयं खुलकर गहलोत के पक्ष में, बाकी एमएलए मौन। कुछ के फोन ही बंद।विधायक दल की बैठक के लिए कहां बुलाए जयपुर- 21 विधायकों में से 14 को सीएमआर, एक को शांति धारीवाल के घर आने की सूचना। 4 बात करने से बचे, दो का गोलमोल जवाब।

अजमेर-चार विधायक बोले, सीएमआर बुलाए और स्वेच्छा से धारीवाल के घर गए

उदयपुर-4 में से 2 को सीएमआर बुलाया, लेकिन धारीवाल के घर गए।

जोधपुर-चार में से तीन को धारीवाल के घर बुलाया, एक बैठक में पहुंचे ही नहीं।

भरतपुर-7 में से 3 सीएमआर बुलाए, दो को धारीवाल के घर बुलाया। सवाईमाधोपुर विधायक बात करने से बच रहे।

बीकानेर-4 में से 2 को पहले सीएमआर व फिर धारीवाल के घर बुलाया, दो बोले ही नहीं।

क्या पर्यवेक्षकों के सामने स्वतंत्र राय व्यक्त करने से रोका
जयपुर- 22 में से 15 ने कहा, स्वतंत्र राय रखने से नहीं रोका, चार से बात नहीं हो पाई और तीन पहुंचे ही नहीं। अजमेर- विधायकों को बोलने से नहीं रोका गया।

उदयपुर- सभी चार बोले, स्वतंत्र राय से नहीं रोका।

जोधपुर- चार बोले, नहीं रोका स्वतंत्र राय रखने से

भरतपुर-पांच विधायक बोले, स्वतंत्र राय रखने से नहीं रोका। सवाई माधोपुर के विधायक बोलने से बचते रहे,

बीकानेर-2 विधायक बोले, स्वतंत्र राय रखने पर किसी ने पाबंदी नहीं लगाई।

इस्तीफे दवाब में दिया?

जयपुर-22 में से 11 विधायकों ने स्वेच्छा से दिया इस्तीफा, जबकि 5 ने इस्तीफा दिया ही नहीं। दो विधायक गोलमोल बोले।

अजमेर-तीन में दो विधायकों ने स्वेच्छा से इस्तीफा दिया, जबकि एक ने इस्तीफा दिया ही नहीं।

उदयपुर- 5 में से चार विधायकों ने स्वेच्छा से इस्तीफा दिया, जबकि एक ने इस्तीफा दिया ही नहीं।

जोधपुर- 4 में से तीन विधायकों ने स्वेच्छा से इस्तीफा दिया, जबकि एक ने इस्तीफा दिया ही नहीं।

भरतपुर- 6 में से दो विधायकों ने स्वेच्छा से इस्तीफा दिया, जबकि दो ने इस्तीफा दिया ही नहीं।

बीकानेर- 4में से एक विधायक ने स्वेच्छा से इस्तीफा दिया, जबकि एक ने इस्तीफा दिया ही नहीं।

क्या मुख्यमंत्री बदले?

जयपुर-22 में से 7 विधायक सीएम नहीं बदलना चाहते, जबकि तीन विधायक सीएम बदलने के पक्ष में हैं। दो विधायकों ने निर्णय आलाकमान पर छोड़ा और दो बोले, गहलोत के अध्यक्ष बनने पर ही बदले सीएम। दो विधायक गोलमोल बोले, जबकि चार से कोई जवाब ही नहीं मिला।

अजमेर-तीन में दो विधायकों ने आलाकमान निर्णय करे, जबकि एक नहीं बदलने के पक्ष में।

उदयपुर- 4 में से तीन विधायक सीएम नहीं बदलने के पक्ष में, जबकि एक ने कुछ जवाब नहीं दिया।

जोधपुर- 4 में से तीन विधायक सीएम नहीं बदलने के पक्ष में, जबकि एक ने निर्णय आलाकमान पर छोड़ा। भरतपुर- 4 विधायक सीएम नहीं बदलने के पक्ष में, जबकि चार विधायकों ने निर्णय आलाकमान पर छोड़ा। चार जवाब देने से बचते रहे, जबकि विधायक ने कहा एक व्यक्ति एक पद का सिद्धान्त लागू हो।

बीकानेर- 4 में से एक विधायक सीएम नहीं बदलने के पक्ष में, जबकि एक ने निर्णय आलाकमान पर छोड़ा। दो जवाब देने से बचते रहे।

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