केंद्रीय बजट को लेकर राजस्थान में सियासत शुरू हो गई है। बजट को लेकर पक्ष-विपक्ष की अलग-अलग राय है। जानें ...
Union Budget on Rajasthan Politics: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में आम बजट पेश किया। इसे लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बजट को विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम बताया। वहीं, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने केंद्रीय बजट को अत्यंत निराशाजनक बताया और कहा कि केन्द्रीय बजट में आम आदमी के लिए कुछ भी नहीं है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा कि 'माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में आदरणीया केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत किए गए केंद्रीय बजट को मुख्यमंत्री निवास पर सुना। यह सर्वसमावेशी बजट न केवल वर्तमान की समस्त आवश्यकताओं की परिपूर्ति करता है, बल्कि विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। इस बजट में आर्थिक विकास, सामाजिक समावेश एवं पर्यावरण संरक्षण का समुचित संतुलन देखने को मिला है।'
वहीं, गोविंद सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा कि 'गरीबों को "खपाना" और पूंजीपतियों को "खजाना" देश में पिछले 11 वर्ष से यही हो रहा है। अत्यंत निराशाजनक केन्द्रीय बजट में आम आदमी के लिए कुछ भी नहीं है। राजस्थान नहीं बल्कि पूरे देश की जनता को हताश करने वाले बजट में हर वर्ग की उपेक्षा की गई है।
-बजट में राजस्थान का नाम तक नहीं लिया
-हर बार की तरह राजस्थान के साथ भेदभाव हुआ
-ERCP को राष्ट्रीय परियोजना बनाने की घोषणा नहीं की
-यमुना जल समझौते को लेकर भी कोई घोषणा नहीं हुई
-देश गरीबी, महंगाई और बेरोजगारी से बुरी तरह त्रस्त है
-महंगाई और रोजगार की दिशा में कोई घोषणा नहीं हुई
-मध्यम वर्ग से 'मोदी की लूट' निरंतर जारी रहेगी
-नौकरी के बिना.. युवा Overage हो जाएंगे
-किसानों को फिर ठगा गया, MSP की घोषणा नहीं हुई
-पुरानी पेंशन OPS को लेकर निराशाजनक रवैया बरकरार है
-बजट में सिर्फ बिहार जैसे चुनावी राज्य पर फोकस था
असंवेदनशील मोदी सरकार की नीतियां सिर्फ अपने 'मित्रों' को लाभ पहुंचाने और अमीर व गरीब के बीच लगातार खाई बढ़ाने का काम कर रही है।
उधर, हनुमान बेनीवाल ने बजट को लेकर कहा कि बजट से युवाओं को निराशा हुई है, नई नौकरियों पर कुछ नहीं कहा गया है, एमएसपी और कर्जमाफी पर कुछ नहीं कहा गया है, किसानों को भी बहुत उम्मीद थी। सरकार को केवल उन्हीं क्षेत्रों की चिंता है जहां चुनाव है। वहीं, हमने बजट से पहले राजस्थान को विशेष दर्जा देने की मांग की थी। लेकिन उस पर सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया। पेट्रोल-डीजल के दामों को लेकर भी कोई बात नहीं की गई है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ ने बजट को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 'केन्द्रीय बजट 2025-26 माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर व विकसित भारत की दिशा में एक मजबूत कदम है जो गरीब, महिला, किसान और युवा सहित प्रत्येक वर्ग की आकांक्षाओं व जरूरतों को पूरा करेगा। इस बजट में देश की अगले 25 वर्षों की विकास यात्रा को गति देने के लिए बुनियादी ढांचे, डिजिटल अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रक्षा और रोजगार सृजन जैसे विभिन्न क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है। देश निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है और यह बजट भारत को वैश्विक आर्थिक महाशक्ति बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा।'