जयपुर

नेताओं की टेंशन दूर करने के लिए जन सभाओं और रैलियों में लगाई जा रही भीड़ की ‘कीमत’

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Updated: 28 Nov 2018, 3:23 PM IST
rajasthan election 2018
नेताओं की टेंशन दूर करने के लिए जन सभाओं और रैलियों में लगाई जा रही भीड़ की 'कीमत'

जयपुर। राजस्थान में चुनावी सरगर्मियां जोरों पर है और इसी माहौल में सभी राजनैतिक पार्टियों के दिग्गज नेता जहां जन सभाओं और रैलियों के माध्यम से जनता का ध्यान अपनी ओर करने में जुटे हुए हैं। वहीं इन सभी सभाओं में ज्यादा से ज्यादा भीड़ जुटाना 'नेताओं की नाक' का सवाल बनता जा रहा हैं। किस नेता की सभा में कितनी संख्या में लोग आते हैं यह चर्चा और इज़्ज़त का सवाल बनता जा रहा हैं। नेताओं की इसी टेंशन को दूर करने के लिए अब चुनावी सीजन में 'क्राउड मेनेजमेंट' एक नये बिजनेस के रूप में सामने आ रहा है। जिसमें भीड़ की कीमत 250 रूपये से लेकर 1000 रूपये तक तय की जाती है।


चुनावी रैलियों और अन्य कार्यक्रम में नेता भीड़ जुटाने के लिए कई तरीके अपनातें है। इस काम में सक्रिय लोग निर्धारित राशि देने पर मनचाही संख्या में भीड़ उपलब्ध कराने का दावा कर रहे हैं। हालांकि निर्वाचन विभाग की इस पर भी नजर रहेगी। राज्य में अभी विधानसभा चुनाव का माहौल है। फिर लगभग 6 माह बाद लोकसभा और स्थानीय निकाय के चुनाव होने है। ऐसे में रैलियां, जनसभाएं जैसे कार्यक्रम भी चलते रहेंगे। इसके मद्देनजर ही सक्रिय हुए कई लोग 'क्राउड मेनेजमेंट' का दावा कर रहे हैं। ज्यादातर केंद्रीय या बड़े नेताओं की रैली और सभा के लिए डिमांड आती हैं। यही नहीं प्रचार के लिए भी लोग मांगे जाते हैं।
बुकिंग के बाद भीड़ भेजने में सम्बंधित नेता की जरूरत व मांग का पूरा ध्यान रखा जाता है। सामान्य भीड़ चाहिए तो रिक्शे- ठेले वालों को एक निर्धारित कीमत देकर सभा में भीड़ के रूप में भेजा जाता है।

यदि सभा में शिक्षित लोगों की मांग हो तो इसका भी विशेष ध्यान रखा जाता है जिसमे बेरोजगारों को मुहैया करवाया जाता है। 'क्राउड मेनेजमेंट' में इस प्रकार की भीड़ की कीमत भी निर्धारित होती है जिसमे 250 रूपये प्रति व्यक्ति किसी रैली में दो से तीन घंटे शामिल होने की कीमत है। वहीं बेरोजगार और शिक्षित के लिए ये कीमत 850 रूपये है। नेताओं की डिमांड हो तो कीमत के आधार पर चुनाव प्रचारक भी भेजे जाते हैं जिनकी कीमत 1000 रूपये प्रति दिन होती है। दावे के अनुसार भेजी जाने वाली भीड़ पूरे समय कार्यक्रम में रहती है, नारे लगाती है और अपना पूरा समर्थन भी दिखती हैं।

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