
जयपुर। चुनावी साल में शिक्षा विभाग में तबादलों का दौर चल रहा है। तबादलों में जनप्रतिनिधियों की डिजायर खूब चल रही हैं। ऐसे में अधिकारी भी जल्दबाजी में बिना देखे ही सूचियां जारी कर रहे हैं। ऐसे में परीवीक्षाकाल पर चल रहे शिक्षकों के भी तबादले कर दिए हैं। अब शिक्षा विभाग के अधिकारी ऐसे शिक्षकों को ढूंढ रहे हैं, जिनके तबादले परीवीक्षाकाल में हुए हैं।
सूचियों पर कभी अधिकारी स्वयं के गलत नाम पर ही हस्ताक्षर कर रहे हैं तो कभी सूची में क्रम संख्या ही गलत है। इतना ही नहीं प्रतिबंधित जिलों से भी तबादले हो गए, बाद में उन्हें विभाग ने सही मान लिया। अब विभाग तबादलों में जहां भी खामियां रही है उन शिक्षकों से परिवेदना ले रहा है और उनके संशोधित आदेश निकाले जा रहे हैं।
ऐसे की गड़बड़
हाल ही जारी हुई तबादला सूची में कई शिक्षक ऐसे हैं, जिनका परीवीक्षा काल भी पूरा नहीं हुआ है, उससे पहले ही उनका तबादला कर दिया। अब विभाग सभी तबादला सूचियों में ऐसे शिक्षक के नाम खोज रहा है। निदेशक माध्यमिक शिक्षा ने हाल ही एक आदेश जारी कर 6 ऐसे शिक्षकों के तबादला आदेश प्रत्याहरित किए हैं। इन शिक्षकों के परीवीक्षा काल की अवधि ही पूरी नहीं हुई और इनका तबादला हो गया।
इनके किए आदेश प्रत्याहरति
इतिहास की व्याख्याता हंसा कलवार का तबादला 27 मई को बरुधन बूंदी से गंदीफली कोटा किया था, जिसे निरस्त कर दिया। इसी तरह राजनीति विज्ञान के व्याख्याता कुलदीप सिंह का तबादला समीजा उदयपुर से ढण्ढेला हुमानगढ़, राजनीति विज्ञान की सुरेन्द्र कौर का बुधपुरा बूंदी से बालिका रामपुरा कोटा, हिंदी के जीतूदान का दुगार बेंगू चित्तौडगढ़ से चलकोई बणी रोथान चूरू, हिंदी के व्याख्याता लीलाधर माली का मोहनपुरा माण्डलगढ़ भीलवाड़ा से कातर छोटी बीदासर चूरू और पूनम डागा का जालिया प्रथम अजमेर से किशनगढ़ अजमेर किया था। ये सभी तबादले निदेशक ने प्रोबेशन अवधि पूरी नहीं होने के कारण तत्काल प्रभाव से प्रत्याहरित कर दिए हैं।