जयपुर

पंजाब पुलिस का ‘PAIS’ सिस्टम गैंगस्टरों की कमर तोड़ने को तैयार, राजस्थान को भी मिलेगा फायदा

AI Voice Recognition: ऑपरेशन 'गैंगस्टरां ते वार' शुरू। एआई आधारित सिस्टम में वॉयस रिकग्निशन, विशाल क्रिमिनल डेटाबेस और गैंग ट्री एनालिसिस जैसी उन्नत तकनीक सहित कई सुविधाएं।

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May 03, 2026
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जयपुर/चंडीगढ़. पंजाब पुलिस ने गैंगस्टरों और उनके विदेशी हैंडलर्स के खिलाफ लड़ाई में नया हथियार उतार दिया है। ऑपरेशन 'गैंगस्टरां ते वार' के तहत अब पुलिस पंजाब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम (पीएआईएस) से लैस हो गई है। इस एआई आधारित सिस्टम में वॉयस रिकग्निशन, विशाल क्रिमिनल डेटाबेस और गैंग ट्री एनालिसिस जैसी उन्नत तकनीक शामिल है। अब पुलिस अपराधियों की आवाज सुनते ही उनकी पहचान कर लेगी। यह सिस्टम न सिर्फ अपराध रोकने, बल्कि पूरे गैंग नेटवर्क को जड़ से उखाड़ फेंकने में सक्षम है।

अपराध नेटवर्क की पूरी संरचना ग्राफिकल रूप में दिखेगी

पीएआईएस में 84,000 से ज्यादा अपराधियों के वॉयस सैंपल का विशाल ‘वॉयसबैंक’ तैयार किया गया है। साथ ही 3,90,000 से अधिक अपराधियों का डिटेल डेटाबेस भी उपलब्ध है, जिसमें गैंग संबंध, फोनेटिक सर्च और उन्नत गैंग ट्री सर्च टूल शामिल है। यह टूल जांच अधिकारियों को संगठित अपराध नेटवर्क की पूरी संरचना ग्राफिकल रूप में दिखाता है।

काॅल करने वाले की होगी पहचान

PAIS

एडीजीपी एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स प्रमोद बान ने बताया, “विदेशों में बैठे गैंगस्टर एन्क्रिप्टेडऐप्स और वर्चुअल नंबर्स के जरिए युवाओं को गुमराह कर उगाही रैकेट चला रहे थे। पीएआईएस अब कुछ ही मिनटों में कॉल करने वाले की पहचान कर लेता है। प्रमोद बान ने कहा, “यहप्रतिक्रियात्मक से पूर्वानुमान आधारित पुलिसिंग की ओर बड़ा बदलाव है। अपराधी चाहे दुनिया के किसी कोने में हो, अब हमारी पहुंच वहां तक है।”पंजाब पुलिस का यह कदम न सिर्फ राज्य बल्कि पूरे देश के लिए मिसाल बन गया है। एआई और साहस के इस अनोखे मिश्रण से पंजाब में शांति और सुरक्षा का नया दौर शुरू हो गया है।

पूर्वानुमान आधारित पुलिसिंग की नई शुरुआत

पंजाब से जुड़े करीब 60 कुख्यात गैंगस्टर कनाडा, अमेरिका, इटली आदि देशों से सक्रिय हैं। पहले पुलिस घटनाओं के बाद एक्शन लेती थी, लेकिन अब पीएआईएस की मदद से अपराध होने से पहले ही साजिशों को पकड़ा जा रहा है। हालिया मामलों में विदेशी हैंडलर्स और स्थानीय युवकों के बीच डिजिटल संवाद को ट्रैक कर कई टारगेट किलिंग की योजनाएं नाकाम की गईं।

विदेशों में छिपे गैंगस्टरों को वापस लाने में जुटा

यह अभियान राज्य को गैंग कल्चर से मुक्त करने की दिशा में मजबूत कदम साबित हो रहा है। भगोड़ा ट्रैकिंग सेल अब पीएआईएस की रियल-टाइम जानकारी के आधार पर इंटरपोल और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय कर विदेशों में छिपे गैंगस्टरों को वापस लाने में जुटा है।

राजस्थान को भी मिलेगा फायदा

पंजाब पुलिस के ऑपरेशन 'गैंगस्टरां ते वार' का राजस्थान पुलिस को भी फायदा मिलेगा। कई बार पंजाब के गैंगस्टर राजस्थान को शरणस्थली या हिट जॉब के लिए इस्तेमाल करते हैं, जिसके चलते संयुक्त ऑपरेशन चलाए जाते हैं।

राजस्थान पुलिस ने जनवरी 2026 में विशाल पचार उर्फ बॉक्सर गैंग के तीन सक्रिय शूटरों — को गिरफ्तार किया था। ये तीनों पंजाब के रहने वाले थे और राजस्थान में "खून का बदला खून" की मिशन पर आए थे। उनके पास विदेशी पिस्तौल और कारतूस बरामद हुए। अप्रेल 2026 में पंजाब पुलिस ने अरजू बिश्नोई (LawrenceBishnoi गैंग से जुड़े) एक सहयोगी को गिरफ्तार किया, जो राजस्थान के एक मर्डर केस में वांछित था। 2025 के अंत और 2026 की शुरुआत में राजस्थान और पंजाब पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में Lawrence Bishnoi-Goldy Brar गैंग के 6 सदस्य जयपुर और टोंक से गिरफ्तार किए गए।

तीन अहम तथ्य

वॉयस बैंक

84,000 अपराधियों की आवाजों का डेटाबेस, जो कॉल सुनते ही पहचान कर लेता है।

गैंग ट्री एनालिसिस

पूरे नेटवर्क को ग्राफ के रूप में देखने की सुविधा, फंडिंग से लेकर एक्शन तक की पूरी चेन समझना आसान।

पूर्वानुमान क्षमता

अपराध होने से पहले साजिशों का पता लगाकर लक्षित कार्रवाई, जिससे कई हत्याओं को रोका जा चुका है।

Published on:
03 May 2026 03:55 pm