जयपुर

CJP Protest : पीएम आवास के बाहर धरने पर बैठे खरगे, राहुल, प्रियंका, सचिन पायलट बोले- धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा हो

CJP Protest : कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा दिल्ली में छात्रों के समर्थन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सहित कई सांसद प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठे हैं।
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Rahul Priyanka sit on protest outside PM residence Sachin Pilot Dharmendra Pradhan resign
CJP Protest : कांग्रेस नेता सचिन पायलट। फाइल फोटो - ANI

CJP Protest : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध असर दिखा रहा है। दिल्ली में अब विपक्षी पार्टियां समर्थन में सामने आ रहीं हैं। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा दिल्ली में छात्रों के समर्थन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सहित कई सांसद प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठे हैं। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा हर हाल में होना चाहिए। सचिन पायलट ने सोशल मीडिया अकाउंट X पर लिखा कि कल छात्रों के प्रदर्शन के दौरान उन पर किए गए लाठीचार्ज की पूरे देश में कड़ी निंदा हो रही है। देश का युवा वर्ग आहत और व्यथित है।

युवाओं के साथ अन्याय हुआ है और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है। छात्रों की आवाज़ सुनी जाए और उनकी मांगों को स्वीकार किया जाए। छात्रों के न्याय और उनकी मांगों के समर्थन में सभी को एकजुट होकर आवाज़ उठानी चाहिए।

हम संसद में उनके मुद्दों को ज़ोर-शोर से उठाएंगे

एएनआई की ट्विट के अनुसार CJP के विरोध-प्रदर्शन पर कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने कहा, नौबत यहां तक ​​क्यों पहुंची? हमारे देश के बच्चे लंबे समय से इसकी मांग कर रहे हैं। पहले कोई नाराज़ नहीं था, और सरकार को उनकी चिंताओं पर ध्यान देना चाहिए था। NEET का पेपर दोबारा कराया गया, जिसमें 2 लाख कम बच्चे शामिल हुए। कल सरकार ने बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया। शिक्षा मंत्री इस्तीफ़ा क्यों नहीं दे रहे हैं? हम पूरी पारदर्शिता चाहते हैं। हम पूरे देश को भरोसा दिलाना चाहते हैं कि हम संसद में उनके मुद्दों को ज़ोर-शोर से उठाएंगे।

खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं युवा

पीटीआई के ट्विट के अनुसार CJP के विरोध प्रदर्शन पर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा, विरोध करने आए सैकड़ों युवाओं की मांग वही है जिसका समर्थन पूरा विपक्ष कर रहा है, चाहे वह सोनम वांगचुक हों या देशभर के लोग। वे शिक्षा मंत्री के खिलाफ कार्रवाई और उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, उनका आरोप है कि शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है और भ्रष्टाचार से घिर गई है। युवा खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं, और उनसे बातचीत करने के बजाय सरकार ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।

देश के युवाओं के साथ सरकार का बर्ताव न केवल गैर-कानूनी और अनैतिक था, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के भी खिलाफ था। सरकार को माफी मांगनी चाहिए, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेना चाहिए और संसद में चर्चा से बचने के बजाय कार्रवाई करनी चाहिए। पुलिस के जरिए लोगों को दबाने की उनकी कोशिशों ने बहुत नकारात्मक संदेश दिया है, और लोगों का सब्र अब जवाब दे रहा है।

Updated on:
21 Jul 2026 06:22 pm
Published on:
21 Jul 2026 06:22 pm