जयपुर

रेलवे का बड़ा फैसला: 9450 करोड़ का प्रोजेक्ट मंजूर, 4 राज्यों में बढ़ेगी कनेक्टिविटी; हजारों गांवों को होगा फायदा

केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्रप्रदेश में 9 हजार 450 करोड़ रुपए की लागत से रेलवे की चार मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन प्रोजेक्ट से रेलवे नेटवर्क में करीब 410 किलोमीटर की बढ़ोतरी होगी।
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Aug 20, 2026
railway clears rs 9450 crore projects
केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा रेलवे के चार बड़े मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स को मंजूरी (पत्रिका फाइल फोटो)

Railway Projects: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) ने भारतीय रेलवे के क्षमता विस्तार के लिए लगभग 9,450 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत वाली चार प्रमुख मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की है। प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत तैयार इन परियोजनाओं को वर्ष 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

बता दें कि यह योजना पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्रप्रदेश के 8 जिलों को कवर करेगी, जिससे रेलवे नेटवर्क में लगभग 410 किलोमीटर नई ट्रैक क्षमता जुड़ेगी। अनुमोदित चार मुख्य रेल मार्ग निम्नलिखित हैं।

  • खड़गपुर – भद्रक (रानीताल) चौथी लाइन: 173 किमी (पश्चिम बंगाल एवं ओडिशा)
  • भद्रक – हरिदासपुर चौथी लाइन: 75 किमी (ओडिशा)
  • गुम्मिडिपुंडी – गुडुर तीसरी और चौथी लाइन: 90 किमी (आंध्र प्रदेश एवं तमिलनाडु)
  • कटक – पारादीप (बडाबन्धा) तीसरी और चौथी लाइन: 72 किमी (ओडिशा)

हजारों गांवों को होगा फायदा

इन रेल परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 60 लाख की आबादी वाले 6,448 गांवों की कनेक्टिविटी में सीधा सुधार होगा। इससे क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे, जो स्थानीय निवासियों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगा। इसके अतिरिक्त, यात्रियों और माल परिवहन दोनों के लिए परिचालन सुव्यवस्थित होगा और मार्गों पर भीड़भाड़ कम होगी।

यह विस्तार कई महत्वपूर्ण धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों तक पहुंच को आसान बनाएगा। इनमें कुलडीहा वन्यजीव अभयारण्य, भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान, पुलिकट झील, नेलपट्टू पक्षी अभयारण्य, ललितगिरि (बौद्ध स्थल), चांदीपुर और तलसारी-उदयपुर समुद्र तट शामिल हैं। साथ ही मां भद्रकाली, मां धमराई, पंचलिंगेश्वर, भगवान वीरराघव पेरुमल, गदा कुजंगा जगन्नाथ, सरला और धबलेश्वर जैसे प्रमुख मंदिरों तक रेल पहुंच सुलभ होगी।

पर्यटन और कारोबार को मिलेगा फायदा

ये रेल मार्ग कोयला, लौह अयस्क, सीमेंट, लोहा और इस्पात, कंटेनर, ऑटोमोबाइल और अनाज जैसी आवश्यक वस्तुओं के परिवहन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। नेटवर्क विस्तार से प्रति वर्ष 76 मिलियन टन (MTPA) की अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता प्राप्त होगी, जिससे देश की लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह कदम बेहद प्रभावकारी साबित होगा। ट्रेन से माल ढुलाई बढ़ने के कारण लगभग 13 करोड़ लीटर तेल आयात की बचत होगी और कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) उत्सर्जन में लगभग 65 करोड़ किलोग्राम की कमी आएगी, जो कि 2.60 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है।

Updated on:
20 Aug 2026 08:45 am
Published on:
20 Aug 2026 08:44 am