
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीना। फोटो: पत्रिका
जयपुर। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में फर्जीवाड़े का दायरा बढ़ता जा रहा है। टोंक और जयपुर जिले के बाद श्रीगंगानगर जिले में भी बीमा पॉलिसियों के नाम पर बुधवार को बड़ा खेल सामने आया है। सूरतगढ़ के कालूसर गांव में एक ही खसरे की 10.37 हेक्टेयर जमीन पर कई पॉलिसियां बनाकर वास्तविक क्षेत्रफल से करीब सात गुना अधिक भूमि का बीमा करा दिया गया। इस फर्जीवाड़े के जरिए किसानों ने 31.15 लाख रुपए से अधिक का क्लेम भी उठा लिया।
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीना तक भी मामला पहुंचा है। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। पड़ताल में यह बात सामने आई है कि खसरा नंबर 281/91 की वास्तविक भूमि के मुकाबले करीब सात गुना अधिक क्षेत्रफल पर अलग-अलग पॉलिसियां जारी कर फसल बीमा कराया गया।
इसी भूमि पर अन्य किसानों की ओर से कराई गई कुछ पॉलिसियां बीमा कंपनी ने रिजेक्ट कर दी गई थीं। फर्जीवाड़ा करने के आरोपी टोंक जिले की मालपुरा तहसील के किसान मुकेश सैनी, सीताराम सैनी और फूलचन्द एवं जयपुर जिले के दीपक सैनी एवं विनिता सैनी और फर्जीवाड़ा करने वाली सीएससी (ई-मित्र) संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज कराया जा रहा है।
आरोप है कि कृषक बनवारी लाल ने अपने खसरा नंबर 281/91 की 10.37 हेक्टेयर भूमि पर ऋणी किसान के रूप में मूंगफली का फसल बीमा करवाया। इसी खसरे पर सीएससी (ई-मित्र) संचालक विकास कुमार के माध्यम से भी 10.37 हेक्टेयर और बिजेश के माध्यम से 10.30 हेक्टेयर क्षेत्रफल का अलग-अलग बीमा करवाया गया। इन तीनों पॉलिसियों के आधार पर बनवारी लाल ने 23 लाख 35 हजार 319 रुपए का बीमा क्लेम प्राप्त किया। इसी खसरा भूमि को बनवारी लाल की ओर से रिछपाल को बटाई पर दिया गया था। रिछपाल ने भी इसी मूंगफली का बीमा करवाया और 7,80,195 रुपए का क्लेम प्राप्त किया। इस प्रकार इन दोनों के माध्यम से प्राप्त क्लेम की राशि 31 लाख 15 हजार 514 रुपए सामने आई है।
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीना कहना है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा सहित किसी भी सरकारी योजना में किसी भी प्रकार का फर्जीवाड़ा या दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इधर, खरीफ 2026 के लिए टोंक जिले की मालपुरा तहसील और जयपुर जिले की शाहपुरा तहसील में फर्जी फसल बीमा कराने की गोपनीय सूचना की जांच में शिकायत सही पाई जाने के बाद कृषि विभाग ने सख्त एक्शन लिया है। आयुक्त कृषि नरेश कुमार गोयल की ओर से फर्जीवाड़ा करने वाले किसानों टोंक जिले की मालपुरा तहसील के मुकेश सैनी पुत्र फूलचन्द सैनी, सीताराम सैनी पुत्र फूलचन्द सैनी और फूलचन्द पुत्र हजारी लाल सैनी और जयपुर जिले के दीपक सैनी पुत्र दिनेश सैनी और विनिता सैनी पत्नी सीताराम सैनी, सीएससी (ई-मित्र) एवं अन्य किसानों के विरूद्व पुलिस थाने में FIR दर्ज करवाकर कठोर कार्यवाही के लिए निर्देश जारी किए गए हैं।
Updated on:
20 Aug 2026 07:10 am
Published on:
20 Aug 2026 07:10 am
