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राजस्थान के बिल्डरों को मिली बड़ी राहत, CM जन आवास योजना के अधूरे प्रोजेक्ट्स की अवधि बढ़ाने के आवेदन पर 100% पेनल्टी माफ

राजस्थान सरकार ने मुख्यमंत्री जन आवास योजना के अटके और अधूरे प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए बिल्डरों को राहत दी है। 31 अगस्त तक अवधि बढ़ाने के लिए आवेदन करने पर पात्र प्रोजेक्ट्स में 100% पेनल्टी माफ होगी।
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CM Jan awas yojana

मुख्यमंत्री जन आवास योजना की प्रतीकात्मक तस्वीर: पत्रिका

CM Jan Awas Yojana Projects: नगरीय निकाय चुनाव की घोषणा से करीब 3 घंटे पहले राजस्थान सरकार ने मुख्यमंत्री जन आवास योजना के तहत बिल्डरों के अटके और अधूरे प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए रास्ता खोल दिया। नगरीय विकास विभाग ने नई नीति जारी करने के बजाय आदेश जारी कर अलग-अलग चरणों में अटके प्रोजेक्ट्स के लिए समय सीमा तय कर दी।

सबसे बड़ी राहत उन प्रोजेक्ट्स को दी गई है, जिनकी निर्माण अवधि पहले ही पूरी हो चुकी है लेकिन बिल्डर-डवलपर्स काम पूरा नहीं कर पाए। ऐसे मामलों में बिल्डर 31 अगस्त तक अवधि बढ़ाने के लिए आवेदन करते हैं तो 100 प्रतिशत पेनल्टी माफ होगी। इसके बाद भी प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए समय मिल सकेगा। छह माह तक समय बढ़ाने पर 2 हजार रुपए, एक साल तक 5 हजार, दो साल तक 10 हजार और तीन साल तक 15 हजार रुपए प्रति यूनिट पेनल्टी देनी होगी।

इस फैसले से लंबे समय से अटके आवासीय प्रोजेक्ट्स को पूरा करने का रास्ता आसान होगा और बिल्डरों को तय समय सीमा में जरूरी प्रक्रिया पूरी करने का मौका मिलेगा।

प्रोजेेक्ट नहीं करना, तो बंद करने का भी रास्ता खोला, पेनल्टी नहीं

  1. प्रोजेक्ट बंद करना हो तो भी रास्ता: बिल्डर प्रोजेक्ट को आगे नहीं बढ़ाना चाहता तो तय शर्तों के साथ ले-आउट या भवन मानचित्र निरस्त करा सकता है। समय पर आवेदन करने पर पेनल्टी नहीं लगेगी।
  2. तो प्रोजेक्ट बंद करा सकता: ले-आउट स्वीकृत है, लेकिन एक भी पट्टा जारी नहीं हुआ तो बिल्डर प्रोजेक्ट बंद करा सकता है। इसके लिए ले-आउट शुल्क में मिली छूट की राशि जमा करनी होगी, जिसके बाद ले-आउट निरस्त किया जा सकेगा।

पट्टा अटका तो छह माह, नक्शा नहीं हुआ तो तीन माह

जिन परियोजनाओं में 90-ए (भू-उपयोग परिवर्तन) हो चुका है, लेकिन पट्टा, लीज डीड या ले-आउट प्लान जारी नहीं हुआ, उनमें छह माह में आवेदन करना होगा। पट्टा या लीज डीड जारी है, लेकिन भवन नक्शा स्वीकृत नहीं हुआ तो तीन माह में आवेदन जरूरी होगा। तय समय में कार्रवाई नहीं करने पर योजना की पुरानी छूट का लाभ नहीं मिलेगा।

खरीदारों का हित सुरक्षित रखना होगा

सरकार ने बिल्डरों को समय और पेनल्टी में राहत दी है, लेकिन परियोजना की अवधि बढ़ाने से मकान खरीदारों और आवंटियों के हित प्रभावित नहीं होने चाहिए। इसकी जिम्मेदारी विकासकर्ता पर रहेगी। हालांकि, खरीदारों के लिए बहुत ज्यादा कुछ स्पष्ट नहीं किया गया।

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