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राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र आज से, 3 बिल होंगे पेश; विपक्ष सरकार को घेरने के लिए तैयार

राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र गुरुवार से शुरू होगा। ट्रीज बिल समेत तीन विधेयक पेश किए जा सकते हैं। बिल में 29 प्रजातियों को प्रतिबंधित श्रेणी में रखने का प्रस्ताव है।
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जयपुर

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Arvind Rao

Aug 20, 2026

rajasthan assembly monsoon session

Rajasthan Assembly Monsoon Session (Patrika File Photo)

जयपुर: नगरीय निकाय चुनाव की घोषणा के बीच गुरुवार से शुरू हो रहे राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र में पेश होने वाले द राजस्थान ट्रीज (प्रोटेक्शन) बिल-2026 को लेकर हस्तशिल्प उद्योग की चिंता बढ़ गई है। सोलहवीं विधानसभा के षष्टम सत्र की कार्यवाही विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी सुबह 11 बजे शुरू करेंगे।

प्रस्तावित ट्रीज बिल में 29 प्रजातियों के पेड़ों को प्रतिबंधित श्रेणी में रखा जा रहा है। इनमें बबूल और शीशम भी शामिल हैं, जिनका राजस्थान के फर्नीचर और हस्तशिल्प उद्योग में बड़े पैमाने पर उपयोग होता है। प्रतिबंधित पेड़ बिना मंजूरी काटने पर एक लाख रुपए तक जुर्माना और एक साल तक सश्रम कारावास का प्रावधान किया गया है।

प्रदेश में शीशम के बाद पिछले दो दशक में बबूल की लकड़ी से फर्नीचर, हस्तशिल्प, सजावटी सामान और गिफ्ट आइटम बनाने का चलन बढ़ा है। इन उत्पादों का यूरोप-अमेरिका समेत कई देशों में निर्यात होता है। निर्यातकों का कहना है कि कानून में व्यावहारिक प्रावधान नहीं किए गए तो उद्योग के सामने बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।

12 हजार करोड़ के निर्यात पर असर की आशंका

उधर, राजस्थान हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स जॉइंट फोरम के कोऑर्डिनेटर नवनीत झालानी ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर बबूल और शीशम को प्रतिबंधित सूची से बाहर रखने की मांग की है। उनका कहना है कि दोनों प्रजातियां प्रतिबंधित होने से हस्तशिल्प निर्यात उद्योग प्रभावित होगा। इस कारोबार से सालाना करीब 12 हजार करोड़ रुपए की विदेशी मुद्रा अर्जित होती है और करीब 7 लाख कारीगरों को रोजगार मिलता है।

विपक्ष घेरने को तैयार

विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की है। वहीं, सत्तापक्ष ने भी पलटवार की तैयारी कर ली है। सत्र से एक दिन पहले विधानसभा अध्यक्ष ने सर्वदलीय बैठक की। उसके बाद शाम को कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई। मुख्यमंत्री आवास पर भाजपा विधायक दल की बैठक हुई।

ये बिल भी हो सकते हैं पेश

इस सत्र में ट्रीज बिल के साथ यूसीसी और एक निजी विश्वविद्यालय के विधेयक भी सदन में रखे जा सकते हैं। जीएसटी संशोधन बिल पर अभी राज्यपाल के मंजूरी का इंतजार है। विधायी कार्य के बाद दिवंगत नेताओं के निधन पर शोकाभिव्यक्ति होगी और कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी जाएगी। बताया जा रहा है कि सदन चार दिन चलाने की तैयारी की गई है। हालांकि, विधानसभा की कार्य सलाहकार समिति की बैठक में सदन की आगे की कार्यवाही तय होगी।

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